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शनिवार, 13 अगस्त, 2005 को 15:37 GMT तक के समाचार

एलटीटीई की बात पर भरोसा नहीं

श्रीलंका सरकार ने अलगाववादी तमिल चरमपंथी संगठन एलटीटीई की इस बात को मानने से इनकार कर दिया है कि कदिरगामर की हत्या में उसकी कोई भूमिका नहीं है.

श्रीलंका की सरकार ने कहा है कि विदेश मंत्री लक्ष्मण कदिरगामर की हत्या देश में जारी शांति प्रक्रिया के लिए एक गंभीर झटका है.

शुक्रवार को कोलंबो में गोली मारकर कदिरगामर की हत्या किए जाने के बाद से राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा ने देश में आपातकाल लागू कर दिया है.

सरकारी प्रवक्ता का कहना है कि इस हत्या के बाद अप्रैल 2003 से रूकी पड़ी शांति प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने कोशिशें बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं.

प्रवक्ता निमाल श्रीपाल डि सिल्वा ने कहा, "एलटीटीई ने हत्या में कोई भूमिका होने से इनकार किया है लेकिन हमारे लिए इसे स्वीकार करना बहुत मुश्किल है."

इससे पहले एलटीटीई की राजनीति शाखा के प्रमुख एसपी तमिल सेल्वन ने बीबीसी तमिल सेवा से बातचीत में कहा था, "हम एलटीटीई को ज़िम्मेदार ठहराने की कोशिश की कड़ी आलोचना करते हैं, हम इस हत्या में किसी भी तरह की भूमिका से पूरी तरह इनकार करते हैं."

शोक

इस बीच उनके हत्यारों की तलाश ज़ोर-शोर से जारी है और सैनिक घर तलाशी ले रहे हैं.

पुलिस अधिकारियों ने इतना ही बताया है कि इस सिलसिले में दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है, लेकिन इससे अधिक जानकारी नहीं दी गई है.

भारत सहित दुनिया के कई देशों ने कदिरगामर की हत्या पर गहरा दुख प्रकट किया है, भारत ने इसे आतंकवादी कुकृत्य बताते हुए इसकी कड़ी भर्त्सना की है जबकि अमरीकी विदेश मंत्री कॉन्डोलिज़ा राइस ने कहा है कि उनके हत्यारों को सज़ा ज़रूर मिलनी चाहिए.

राइस ने कहा, "मैं उनसे जून महीने में मिली थी और उनकी सज्जनता और ईमानदारी से बहुत प्रभावित हुई थी."

संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि कदिरगामर की हत्या से "श्रीलंका ने एक बहुत सम्मानित राजनेता खो दिया है जो श्रीलंका में शांति स्थापना के लिए प्रतिबद्ध था."

कदिरगामर का अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा.