गुरुवार, 11 अगस्त, 2005 को 07:03 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान का कहना है कि उसने देश में बनाए गए पहले क्रूज़ मिसाइल का परीक्षण किया है. ये पाँच सौ किलोमीटर तक मार कर सकता है और परमाणु शस्त्र और परंपरागत हथियार ले जाने में सक्षम है.
इस मिसाइल को बाबर नाम दिया गया है.
अत्याधुनिक तकनीक और ज़मीन से कुछ ही ऊपर चलने के कारण क्रूज़ मिलाइल को रडार से नहीं पकड़ा जा सकता.
बीबीसी के साथ बातचीत में पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने इसे देश की रक्षा रणनीति में एक मील का पत्थर बताया.
यह परीक्षण किसी अज्ञात स्थान पर किया गया है और पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि यह पूरी तरह सफल रहा है.
हालांकि पाकिस्तान और भारत के पास पहले से ही मिसाइलों की एक श्रृंखला मौजूद है लेकिन पाकिस्तान का दावा है कि इस मिलाइल में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल शौकत सुल्तान का कहना है कि यह मिसाइल ज़मीन, पानी के जहाज़ से, पनडुब्बी और विमान से भी दागा जा सकता है.
समझौते के बाद
यह परीक्षण भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले हफ़्ते हुए समझौते के बाद किया गया है जिसमें दोनों देशों ने यह तय किया था कि मिसाइल परीक्षणों से पहले वे एक दूसरे को इसकी जानकारी देंगे.
पाकिस्तान के एक सैन्य प्रवक्ता का कहना है कि इस परीक्षण से पहले भारत को कोई सूचना नहीं दी गई है.
उनका कहना है कि जो समझौता हुआ है उसके तहत क्रूज़ मिलाइलों के परीक्षण से पहले एक दूसरे को सूचना देने की आवश्यकता नहीं है.
भारत की ओर से अभी तक कोई अधिकृत प्रतिक्रिया नहीं मिली है.
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान से कथित रुप से परमाणु सूचनाएँ और उपकरण बेचे जाने के आरोपों के बाद से पाकिस्तान पर कड़ी नज़र रखी जा रही है.
बीबीसी के इस्लामाबाद संवाददाता ज़फ़र अब्बास का कहना है कि इस परीक्षण से पाकिस्तान ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि वह इसके बावजूद मिलाइल परीक्षण जारी रख सकता है.