http://www.bbcchindi.com

शुक्रवार, 05 अगस्त, 2005 को 12:06 GMT तक के समाचार

'अपराधियों' के नाम हटाने के निर्देश

बिहार विधानसभा चुनावों में अपराधियों को बाहर करने के लिए चुनाव आयोग ने नई मुहिम शुरु की है.

चुनाव आयोग ने बिहार प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वह ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची से बाहर कर दें जिनके ख़िलाफ़ पिछले छह महीने से ग़ैरज़मानती वारंट तामील नहीं हो पाए हैं.

चुनाव आयोग ने इस संबंध में जारी एक निर्देश में कहा है,'' आयोग ने फ़ैसला किया है कि जिनके ख़िलाफ़ ग़ैरज़मानती वारंट पिछले छह महीने में तामील नहीं हो सका है, इसका मतलब है कि वे उस पते पर छह महीने से नहीं रह रहे हैं, उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएँ.''

चुनाव आयोग ने निर्देश दिए हैं कि चुनाव अधिकारी इन नामों को स्वंय ही हटा सकते हैं.

चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी को 19 अगस्त तक ऐसे लोगों की सूची सौंप दे जिनके गैरज़मानती वारंट तामील नहीं हो सके हैं.

चुनाव आयोग बड़ी संख्या में गैरज़मानती वारंट तामील न होने और अवैध हथियारों की बरामदगी ने होने से चिंतित है.

इसके पहले आयोग ने बिहार प्रशासन को इस दिशा में कार्रवाई तेज़ करने को कहा था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार 14 जुलाई तक बिहार में 23, 616 ग़ैरज़मानती वारंट पर कार्रवाई होनी बाकी थी.

तबादलों पर रोक

इसके पहले चुनाव आयोग ने बिहार प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह चुनाव कार्यों से जुड़े किसी भी अधिकारी का तबादला करने से पहले आयोग को सूचित करें.

आयोग ने कहा है कि इस निर्देश के तहत ज़िलाधीश, अतिरिक्त ज़िलाधीश और मतदाता सूची बनाने सहित अन्य चुनाव कार्यों से जुड़े अधिकारियों के तबादले आयोग की सहमति के बिना नहीं हो सकेंगे.

बिहार विधानसभा भंग होने के बाद वहाँ राष्ट्रपति शासन लागू है और चुनाव आयोग ने अक्तूबर-नवंबर में चुनाव कराने की घोषणा कर रखी है.

इन निर्देशों का उन पुलिस अधिकारियों पर कोई असर नहीं होगा जिनके तबादलों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था.