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शुक्रवार, 29 जुलाई, 2005 को 04:27 GMT तक के समाचार

महाराष्ट्र में अब महामारी का ख़तरा

महाराष्ट्र में अधिकारियों ने बताया है कि पिछले दिनों हुई तेज़ बारिश से हुई भारी तबाही में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 800 हो गई है.

इस बीच सरकारी अधिकारी बाढ़ के बाद महामारी फैलने की चिंताओं का सामना करते हुए एहतियाती उपाय कर रहे हैं और अधिकारियों का कहना है कि अब ऐसा नहीं लगता कि बहुत से लापता लोग जीवित बच पाएंगे.

हालाँकि अधिकारी अब भी मलबे में किसी के जीवित बचे होने की तलाश कर रहे हैं और मलबे को साफ़ करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है.

राज्य में राहत और पुनर्वास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी कृष्ण वत्स ने बताया कि जैसे जैसे भूस्खलन से प्रभावित गाँवों से और शव निकाले जाएँगे ये संख्या और बढ़ सकती है.

उन्होंने कहा कि और जिंदा लोगों के मिलने की उम्मीद बहुत क़म है इसलिए अब पूरा ध्यान इलाक़ों की साफ़-सफ़ाई की ओर होगा.

कृष्ण वत्स ने बताया बिजली, पानी जैसी बुनियादी ज़रूरतों और सूचना तंत्र को फिर से स्थापित करना होगा.

अफ़वाहें

भारी बारिश और बाढ़ से जूझ रहे मुंबई में बाँध टूटने की अफ़वाह के कारण मची भगदड़ ने 20 लोगों की जान ले ली.

मरने वालों में सात बच्चे हैं. महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री आरआर पाटिल ने बताया कि मुंबई के नेहरू नगर इलाक़े में ये अफ़वाह उड़ गई थी कि पवई झील के निकट एक बाँध टूट गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार शुक्रवार को यह अफ़वाह फ़ैली कि वहाँ तूफ़ान आ रहा है. प्रशासन को इन अफ़वाहों के खंडन में काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ा.

पुलिस का कहना है कि इन अफ़वाहों के सिलसिले में 17 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

तबाही

पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश से यहाँ भारी तबाही हुई है. मुंबई का यातायात भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को मुंबई में 65 सेंटीमीटर बारिश हुई.यह भारत में किसी एक दिन में हुई अब तक की सबसे अधिक बारिश थी.

ज़्यादातर लोगों की मौत डूबने और ज़मीन धँसने के कारण हुई है. मुंबई के अलावा राज्य के सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िले रायगढ़ और रत्नागिरि हैं.

आकलन है कि बारिश के कारण भारत की आर्थिक राजधानी मानी जानेवाली मुंबई और महाराष्ट्र को करोड़ों रुपए का नुक़सान हुआ है.