मंगलवार, 26 जुलाई, 2005 को 10:06 GMT तक के समाचार
हरियाणा सरकार ने गुड़गाँव में एक निजी कंपनी होंडा स्कूटर के कर्मचारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़पों के मामले की न्यायिक जाँच के आदेश दिए हैं.
इस बीच मंगलवार को दूसरे दिन भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई हैं और मज़दूर संगठनों ने दिल्ली में हरियाणा भवन के सामने प्रदर्शन किया है.
प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी के गोले भी छोड़े.
गुड़गाँव की घटना को लेकर मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में भी भारी हंगामा हुआ.
ग़ौरतलब है कि सोमवार को पुलिस के लाठीचार्ज में सैकड़ों मज़दूर घायल हो गए थे.
हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्दर सिंह हुड्डा ने कहा कि उन्होंने इस घटना की न्यायिक जाँच के आदेश दिए हैं.
उन्होंने कहा कि घटना की जाँच हाई कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज से कराई जाएगी. इससे पहले घटना की मजिस्ट्रेट जाँच के आदेश दिए गए थे.
होंडा कंपनी के मज़दूर अधिक वेतन और अपने कुछ सहयोगियों को फिर से रोज़गार दिए जाने की माँग कर रहे हैं.
इस बीच मंगलवार को भी गुड़गाँव में कुछ हिंसक झड़पों की ख़बरें मिली हैं.
क्रुद्ध मज़दूरों ने गुड़गाँव के उप आयुक्त के साथ हाथापाई की और उसके बाद सिविल अस्पताल में भारी भीड़ जमा हो गई जहाँ घायलों का इलाज चल रहा है.
घायलों के कुछ रिश्तेदारों ने पुलिस और सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की तो पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करने का आदेश दिया.
कुछ स्थानों पर भीड़ को हटाने के लिए पानी के गोले भी इस्तेमाल किए गए.
शहर में और हिंसा की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के लिए सैकड़ों पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.
संसद में हंगामा
उधर संसद में वामपंथी और भाजपा नेताओं ने गृह मंत्री शिवराज पाटिल के बयान से संतुष्ट न होकर लोकसभा से बहिर्गमन किया.
मंगलवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने लोकसभा प्रश्नकाल स्थगित कर इस मामले पर बहस करवाने की अनुमति दे दी.
गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने घटना पर संसद में बयान देते हुए कहा कि जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही थी, तब पुलिस ने लाठीचार्ज किया.
इसमें 100 से ज़्यादा मज़दूर घायल हो गए. साथ ही 35 पुलिसकर्मियों को चोटें आईं हैं.