मंगलवार, 26 जुलाई, 2005 को 23:45 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में बगराम स्थित अमरीकी सैनिक अड्डे के बाहर हज़ारों की संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किए हैं. ये लोग सोमवार की रात बड़ी संख्या में गाँववालों को गिरफ़्तार किए जाने से नाराज़ हैं.
प्रदर्शनकारियों ने अमरीका के ख़िलाफ़ नारे लगाए जबकि कुछ लोगों ने सैनिक वाहनों पर पत्थर फेंककर अपना ग़ुस्सा निकाला.
अमरीकी सैनिक अड्डे के निकट मुख्य सड़क पर लोगों ने टायर भी जलाए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ अमरीकी सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देने के लिए गोलियाँ भी चलाईं. हालाँकि अमरीकी सैनिक अधिकारियों ने इससे इनकार किया है.
वहाँ मौजूद भीड़ इस आश्वास पर हटी कि अमरीकी सैनिक गिरफ़्तार लोगों को अफ़ग़ान अधिकारियों के हवाले कर देंगे.
बीबीसी संवाददाता एंड्रयू नॉर्थ का कहना है कि 2001 में बगराम सैनिक अड्डे पर नियंत्रण स्थापित करने के बाद से अमरीकी सैनिकों के ख़िलाफ़ यह पहला विरोध प्रदर्शन था.
संकेत
कुछ जानकारों का ये भी कहना है कि यह अफ़ग़ान लोगों में बढ़ रहे ग़ुस्से का संकेत हैं.
अमरीकी सैनिक अधिकारियों का कहना है कि अमरीकी और अफ़ग़ान सैनिकों पर हमले की योजना बना रहे आठ लोगों को सोमवार रात गिरफ़्तार किया गया था.
एक बयान में कहा गया है, "अफ़ग़ान और अमरीकी सैनिकों ने इस कार्रवाई में स्थानीय नेताओं को शामिल करने के लिए संपर्क किया था लेकिन वे ऐसा करने में असमर्थ थे."
लोगों की गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ अमरीकी सैनिक अड्डे के बाहर इकट्ठा लोगों पर अफ़ग़ान पुलिस ने बल प्रयोग भी किया. अभी यह नहीं पता चल पाया है कि कोई घायल हुआ है या नहीं.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गाँव वालों को गिरफ़्तार करने से पहले अमरीकी सैनिकों को स्थानीय अधिकारियों से सलाह-मशविरा कर लेना चाहिए था.
एक स्थानीय निवासी शाह अग़र ने समाचार एजेंसी एपी को बताया, "हमने वर्षों से अमरीकी सैनिकों का समर्थन किया है. हमारे साथ सम्मान के साथ व्यवहार होना चाहिए. अमरीकी सैनिक हमारे लोगों को सरकार की अनुमति के बिना गिरफ़्तार कर रहे हैं. ये लोग हमारे घर में घुस रहे हैं और लोगों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं. हम इससे काफ़ी नाराज़ हैं."
बाद में अमरीकी सैनिक अधिकारियों ने बताया कि गिरफ़्तार लोगों को अफ़ग़ान अधिकारियों के हवाले कर दिया जाएगा.