सोमवार, 25 जुलाई, 2005 को 11:58 GMT तक के समाचार
श्रीनगर से अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता
भारतीय प्रशासित कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में तीन युवकों के मारे जाने के मामले में प्रसासन ने जाँच का आदेश दिया है.
भारतीय सेना पर इन युवकों को गोली मारने का आरोप लगा था और इसके विरोध में हज़ारों लोगों ने शनिवार को प्रदर्शन किया था.
पुलिस के अनुसार घटना शनिवार देर रात की है जब बंगारकुंड गाँव में तीन युवकों को चरमपंथी समझकर भारतीय सेना ने ग़लती से मार दिया था.
ये लोग बंगारकुंड गाँव में एक शादी में भाग लेने गए थे.
उस वक़्त ये लोग वहाँ शादी वाले घर के बाहर घूम रहे थे जब गश्त लगा रहे भारतीय सैनिकों ने चरमपंथी समझकर उन पर गोलियाँ चलाईं.
दो युवक घटनास्थल पर ही मारे गए थे जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए. बाद में एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था.
मौत की ख़बर सुनते ही कुपवाड़ा ज़िले के लोग सड़कों पर उतर आए थे और एक पुलिस थाने में घुस गए थे.
नाराज़ लोगों ने कुछ वाहनों को भी नुक़सान पहुँचाया. भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को हवा में गोली चलानी पड़ी थी.
पिछले तीन दिनों में इस तरह की ये दूसरी घटना है.
इससे पहले गुरुवार को भारतीय सेना ने पुलवामा में एक बच्चे को उस समय गोली मार दी थी जब वो खेत से वापस लौट रहा था.
विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कश्मीर में मानवाधिकार के बढ़ते उल्लंघन पर चिंता ज़ाहिर की थी.
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएँ राज्य में मानवाधिकार की स्थिति पर किए गए सरकारी दावों को झुठलाती है.