रविवार, 10 जुलाई, 2005 को 21:13 GMT तक के समाचार
जावेद एम अंसारी
बीबीसी संवाददाता
भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह ने कहा है कि "पाकिस्तान में आतंकवादी शिविर अभी समाप्त नहीं किए गए हैं."
उन्होंने बीबीसी से एक विशेष बातचीत में कहा कि भारत के पास इस बारे में पक्के सबूत तस्वीरों की शक्ल में उपलब्ध हैं कि पाकिस्तान में आतंकवादी शिविर नष्ट नहीं किए गए हैं.
उनका कहना था कि "आतंकवादी शिविरों के बारे में यह सिर्फ़ हमारी राय नहीं है बल्कि आसपास के देशों की भी यही राय है." उनका इशारा अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के हाल के बयानों की ओर था.
भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह ने पिछले दिनों कज़ाकस्तान में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौक़त अज़ीज़ से मुलाक़ात का ज़िक्र करते हुए कहा, "मैं उनसे कह दिया है कि अगर आप चाहें तो हम आपको तस्वीरें दे सकते हैं."
उधर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जलील अहमद जीलानी ने इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा कि ऐसे बयान तब आते थे जब दोनो देशों के बीच बातचीत नहीं हो रही थी.
उनका कहना था उन्हें समझ नहीं आता कि अब जब भारत-पाकिस्तान के बीच शांति प्रक्रिया आगे बढ़ रही है तो ऐसे आरोपों का क्या गुँजायश है.
भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह इन दिनों लंदन में जी-4 के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने आए हैं.
उनका यह मानना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति प्रक्रिया सही रास्ते पर चल रही है लेकिन उन्होंने इस आशंका से इनकार नहीं किया अगर लंदन की तरह के आतंकवादी हमले भारत में किए जाते हैं तो उससे शांति प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.
कश्मीर
कश्मीर के मामले पर पूछे जाने पर भारत के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के बारे में कहा, "हर हफ़्ते वहाँ से एक नया बयान आता है, कभी वहाँ के विदेश मंत्री बोलते हैं तो अगले दिन प्रधानमंत्री बोलते हैं, और फिर जनरल साहब ख़ुद कुछ कहते हैं."
उन्होंने कहा कि हम इन बयानों का हम जवाब हम दैनिक स्तर पर नहीं देते, हम इन बातों का जवाब अपने देश की संसद में देते हैं.
नटवर सिंह ने कहा, "जहाँ तक हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के लोगों का सवाल है, उन्होंने पाकिस्तान जाने की इच्छा ज़ाहिर की तो हमने कहा कि शौक़ से जाइए. लेकिन अब वो कहते हैं कि कश्मीर में नए चुनाव होने चाहिए, हम उनसे कहा कि वहाँ चुनी हुई सरकार पहले ही मौजूद है."
पाकिस्तान ने कश्मीर मसले के हल की एक साल की जो समय सीमा निर्धारित की है उसके बारे में पूछे जाने पर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि हम हर मुद्दे को बातचीत के ज़रिए हल करने को तैयार हैं लेकिन जो 58 वर्ष की समस्या है वह रातोरात कैसे हल हो सकती है."
फ्रांस, जर्मनी, भारत और जापान को मिलाकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के मामले पर बनाए गए गुट जी-4 के विदेश मंत्रियों के साथ भी नटवर सिंह ने मुलाक़ातें की हैं.
उन्होंने इस बारे में बताया, "हम एक प्रस्ताव पर सहमत हो गए हैं जो कल संयुक्त राष्ट्र में पेश कर दिया जाएगा."
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की स्थायी सदस्यता के मामले में भारत के कूटनीतिक प्रयास जोरशोर से जारी हैं.