बुधवार, 06 जुलाई, 2005 को 17:51 GMT तक के समाचार
अयोध्या में विवादित राममंदिर-बाबरी मस्जिद परिसर में मंगलवार को हुए चरमपंथी हमले के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के बंद का मिला-जुला असर रहा.
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन किए और गिरफ़्तारियाँ दीं.
हमले के विरोध में भाजपा और विश्व हिंदू परिषद ने देशव्यापी बंद का आह्वान किया था जिसके तहत भाजपा कार्यकर्ताओं ने कई राज्यों में प्रदर्शन किए.
हमले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे भाजपा समर्थकों की पुलिस के साथ छिटपुट झड़पें भी हुईं. कई राज्यों में सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ.
दिल्ली में पुलिस को इन उग्र कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस और पानी की बौछारों का प्रयोग भी करना पड़ा.
दिल्ली में ज़तर-मंतर पर हमले के विरोध में आयोजित एक प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए लालकृष्ण आडवाणी ने कहा, "आज तक कोई भी आतंकवादी उस परिसर में नहीं घुस पाया था. यह पहली बार हुआ है."
उन्होंने इसे सरकार की विफलता बताया. आडवाणी ने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारें, एक दूसरे पर आरोप लगाने में लगी हैं.
पुराना राग
इस मौक़े पर आडवाणी राममंदिर के निर्माण के मसले पर भी बोलने से नहीं चूके. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी परिसर में राममंदिर बनाने का हरसंभव प्रयास करेगी.
आडवाणी बोले, "इन आतंकवादियों ने यह हमला करके उसे फिर से सजीव करने का काम किया है और हमने जो प्रयत्न पहले किया था, उसे हम आगे बढ़ाएँगे. अदालत के फ़ैसले का हम सम्मान करेंगे पर अदालत फ़ैसला नहीं देती है तो हम दोनों संप्रदायों के लोगों के बीच बातचीत के ज़रिए इस बात के लिए तैयार करवाएँगे कि रामजन्मभूमि पर राममंदिर ही बने."
भाजपा के इस बंद का भाजपा शासित राज्यों में ज़्यादा असर देखने को मिला.
भाजपा की सरकार वाले राज्य मध्यप्रदेश में तो इस हमले के विरोध में मंगलवार से ही विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे.
हालांकि गुजरात में बाढ़ राहत कार्यों को ध्यान में रखते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने बंद को टाल दिया था. वहाँ पर आने वाले रविवार को बंद की घोषणा भाजपा नेताओं ने की है.
बिहार में इस बंद का मिलाजुला असर ही देखने को मिला. बाज़ारों में दुकानें बंद रहीं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे विरेध दिवस बताया.