मंगलवार, 28 जून, 2005 को 08:07 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान में सर्वोच्च न्यायालय ने मुख़्तार माई सामूहिक बलात्कार मामले में पाँच अभियुक्तों की रिहाई वाले लाहौर उच्च न्यायालय के फ़ैसले को स्थगित करते हुए नए सिरे से मुक़दमा चलाने का आदेश दिया है.
सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई सोमवार को शुरू की थी और मंगलवार को न्यायालय ने लाहौर उच्च न्यायालय के फ़ैसले को स्थगित करते हुए निचली अदालत के फ़ैसले को बरक़रार रखा.
इस मामले में निचली अदालत ने छह अभियुक्तों को सज़ा सुनाई थी.
सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले के सभी 13 अभियुक्तों को फिर से गिरफ़्तार करने का आदेश देते हुए उनके ख़िलाफ़ ग़ैरज़मानती वारंट जारी किए हैं.
इनमें से कुछ अभियुक्तों को लाहौर उच्च न्यायालय के फ़ैसले के बाद रिहा कर दिया गया था. अब उन्हें फिर से गिरफ़्तार करके जेल में ही रखकर उन पर मुक़दमा चलाया जाएगा.
इस मामले में आरोप है कि वर्ष 2002 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक ग्राम पंचायत के आदेश पर छह लोगों ने मुख्तार माई नाम की महिला के साथ बलात्कार किया था.
निचली अदालत ने छह लोगों को दोषी क़रार देते हुए उन्हें फाँसी की सज़ा सुनाई थी लेकिन उनकी अपील पर लाहौर हाईकोर्ट ने पाँच अभियुक्तों को बरी कर दिया था जबकि एक व्यक्ति की मौत की सज़ा को आजीवन कारावास में बदल दिया था.
लाहौर हाई कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद पाँच अभियुक्तों को रिहा कर दिया गया था.
मुख्तार माई बलात्कार कांड लगातार सुर्ख़ियों में रहा है, पाकिस्तान में कई ग़ैर-सरकारी संगठनों ने इस मामले पर अभियान छेड़ दिया है और अंतरराष्ट्रीय मीडिया भी इसे काफ़ी प्रमुखता दे रहा है.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने पिछले दिनों मुख्तार माई के विदेश जाने पर रोक लगा दी थी जिसकी काफ़ी आलोचना हुई थी, इस मामले पर पाकिस्तान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि ऐसा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली पाकिस्तान की बदनामी को रोकने के लिए किया गया था.
सफ़ाई
सोमवार को मुक़दमे की सुनवाई के लिए मुख़्तार माई को कड़ी सुरक्षा के बीच राजधानी इस्लामाबाद लाया गया. अदालत के बाहर उन्होंने कहा, "मुझे पूरी उम्मीद है कि शुरूआती अदालती फ़ैसले को बहाल कर हम पर हमला करने वालों को दंडित किया जाएगा."
पाकिस्तान की सामाजिक और न्यायिक व्यवस्था की आलोचना करने वालों का कहना है कि मुख्तार माई का मामला यह दिखाता है कि देश में महिलाओं के साथ किस तरह का सुलूक किया जाता है.
लेकिन पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ कहते रहे हैं कि इस एक घटना से पाकिस्तान के बारे में कोई निष्कर्ष निकालना ग़लत है, उन्होंने हाल में न्यूज़ीलैंड की यात्रा के दौरान कहा था कि "पाकिस्तान किसी भी विकासशील देश की ही तरह है, इस दुखद बलात्कार कांड को पाकिस्तान की रोज़मर्रा की जिंदगी की आम घटना नहीं कहा जा सकता."
मुख्तार माई और पाकिस्तान सरकार दोनों ने पाँच अभियुक्तों की रिहाई के ख़िलाफ़ अपील की है.