बुधवार, 22 जून, 2005 को 05:56 GMT तक के समाचार
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुंदर सिंह भंडारी का देहांत हो गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उनके पारिवारिक सूत्रों ने बताया है कि 84 वर्षीय नेता ने बुधवार तड़के नींद में ही अंतिम साँसें लीं.
वे पिछले कुछ अर्से से बीमार चल रहे थे. 1921 में राजस्थान के उदयपुर शहर में जन्म लेनेवाले भंडारी ने विवाह नहीं किया था.
भारतीय जनसंघ की स्थापना में भूमिका निभानेवाले सुंदर सिंह भंडारी ने पार्टी में कई प्रमुख पदों पर काम किया और भाजपा के उपाध्यक्ष भी रहे.
अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल में उन्हें बिहार और गुजरात का राज्यपाल भी बनाया गया था.
सुंदर सिंह भंडारी का अंतिम संस्कार गुरूवार को दिल्ली में किया जाएगा.
इससे पहले उनका पार्थिव शरीर भाजपा मुख्यालय में रखा जाएगा जहाँ पार्टी नेता और अन्य लोग उन्हें श्रद्धांजलि देंगे.
श्रद्धांजलि
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने सुंदरसिंह भंडारी के निधन पर कहा है कि पार्टी में और शासन में उन्होंने महत्वपूर्ण सफलता पूर्वक निभाईं ज़िम्मेदारियाँ निभाईं.
उन्होंने कहा, "राजनीतिक क्षेत्र में रहते हुए राजनीति के फ़िसलन से बचे रहने वाले कम ही लोग हैं सुंदरसिंह भंडारी उनमें से एक हैं."
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि देश भर में जो लोग भी सुंदर सिंह भंडारी को जानते हैं वे सभी आज दुखी होंगे.
विवाद
पिछले दिनों सुंदर सिंह भंडारी एक बार फिर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में दिए गए कथित बयानों के कारण सुर्खियों में आए थे.
मीडिया में तब उनके नाम से ये ख़बर आई कि नरेंद्र मोदी ने गोधरा कांड के बाद हिंसा रोकने के लिए कार्रवाई करने में देर कर दी.
बाद में भंडारी ने नरेंद्र मोदी को क्लीनचिट दे दी लेकिन इस संबंध में जाँच की माँग पर अड़े रहे.
इससे पहले फ़रवरी 1999 में भी सुंदर सिंह भंडारी का नाम चर्चा में रहा था जब वे बिहार के राज्यपाल थे.
तब भाजपा के नेतृत्ववाली केंद्र सरकार ने क़ानून व्यवस्था संबंधी राज्यपाल की रिपोर्ट के आधार पर राबड़ी देवी सरकार को बर्ख़ास्त कर दिया था.
बिहार में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया. लेकिन केंद्र सरकार इस निर्णय को संसद की अनुमति दिलवा सकने में विफल रही.