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गुरुवार, 09 जून, 2005 को 16:34 GMT तक के समाचार

जेकेएलएफ़ के दोनों गुटों में मेलमिलाप

एक प्रमुख कश्मीरी अलगाववादी संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ़्रंट(जेकेएलएफ़) के दो धड़ों ने दस साल बाद फिर से एकजुट होने का फ़ैसला किया है.

जेकेएलएफ़ ने कहा है कि कश्मीर की स्वतंत्रता की माँग पर ज़ोर डालने के लिए यह क़दम उठा गया है.

यह फ़ैसला विभाजित धड़ों के नेताओं यासिन मलिक और अमानुल्ला ख़ान की बैठक में लिया गया.

मलिक इस समय पाकिस्तान की यात्रा पर हैं.

विभाजित जेकेएलएफ़ का एक गुट जम्मू कश्मीर में और दूसरा पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में सक्रिय है.

नई एकजुटता के बाद डॉ. फ़ारूक़ हैदर को जेकेएलएफ़ के पुनर्गठन की योजना बनाने का काम सौंपा गया है.

अवसर

हाल के दिनों में पाकिस्तान समर्थक और इस्लामी कश्मीरी गुटों ने जेकेएलएफ़ के प्रभाव को कम कर दिया था.

जबकि एक समय जेकेएलएफ़ को भारत प्रशासित कश्मीर में सबसे चरमपंथी अलगाववादी संगठन माना जाता था.

यह 1988 में भारतीय शासन के ख़िलाफ़ हथियार उठाने वाला यह पहला कश्मीरी संगठन था.

संगठन का 1995 में तब विभाजन हो गया जब जम्मू कश्मीर में इसके नेता यासिन मलिक ने हिंसा का रास्ता छोड़ने की घोषणा की.

आज़ादी समर्थक नेताओं में प्रमुख अमानुल्ला ख़ान ने इस फ़ैसले का विरोध किया और जेकेएलएफ़ दो धड़ों में बँट गया.