बुधवार, 08 जून, 2005 को 02:57 GMT तक के समाचार
भारतीय जनता पार्टी में नेतृत्व संकट को सुलझाने के लिए बुधवार शाम को पार्टी की केंद्रीय समिति के नेताओं और बीजेपी संसदीय बोर्ड की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है.
इस बात के पूरे संकेत हैं कि लालकृष्ण आडवाणी भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ने के अपने फ़ैसले को नहीं बदलेंगे.
ऐसे में आडवाणी के उत्तराधिकारी के नाम पर भी अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं.
आडवाणी ने अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान मोहम्मद अली जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष कहने के बयान के बाद भारत में हिंदूवादी संगठनों द्वारा की गई आलोचना के बाद मंगलवार को अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया था.
उनके इस फ़ैसले के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी समेत पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं के बीच कई बार बैठक हुई और फिर आडवाणी से निर्णय बदलने का आग्रह किया गया.
लेकिन बाद में बीजेपी उपाध्यक्ष एम वेंकैया नायडू ने पत्रकारों से कहा,"दुर्भाग्य से उन्होंने मना कर दिया. वे अपने फ़ैसले पर कायम हैं".
उत्तराधिकारी
इस बीच आडवाणी के अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद बीजेपी के अध्यक्ष पद के लिए कई नेताओं के नामों पर अटकलें लग रही हैं.
इनमें पार्टी में तीसरे नंबर के नेता मुरली मनोहर जोशी, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह, वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज तथा पार्टी उपाध्यक्ष बाल आप्टे के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं.
ऐसी संभावना है कि मुरली मनोहर जोशी बुधवार को आडवाणी से मुलाक़ात करेंगे.
जोशी पहले भी पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं और उन्हें संघ परिवार का क़रीबी समझा जाता है.
आलोचना
बीजेपी नेताओं ने सोमवार को तो आडवाणी के बयान से उठे विवाद पर उनका पक्ष नहीं लिया था लेकिन अगले दिन उन्होंने आडवाणी के विरोध में बयान देनेवाले विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया की खुलकर निदा की.
पार्टी उपाध्यक्ष वेंकैया नायडू ने कहा,"जिस भाषा का इस्तेमाल किया गया वह बिल्कुल आपत्तिजनक है और एक राष्ट्रीय संगठन से ऐसी अपेक्षा नहीं थी."
उन्होंने कहा कि बीजेपी कड़े शब्दों में आडवाणी के विरूद्ध जारी किए गए बयानों की निंदा करती है.
पाकिस्तान हैरान
पाकिस्तान सरकार का कहना है कि आडवाणी के बयान पर भारत में जो प्रतिक्रिया हुई उसपर उन्हें हैरानी हो रही है.
पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद ने बीबीसी को बताया कि आडवाणी ने अपनी पाकिस्तान यात्रा में अपनी छवि बहुत बेहतर की थी.
उन्होंने कहा,"यहाँ तो लोग बिल्कुल हैरान हैं कि उन्होंने ऐसा क्या कह दिया. उन्होंने अपने दौरे में अपनी छवि काफ़ी अच्छी की और अपने बारे में सोच बदली".
शेख़ रशीद ने कहा कि आडवाणी ने भारत-पाक संबंधों को नया मुकाम दिया और उन्हें नहीं लगता कि उनकी जगह किसी के भी बीजेपी के अध्यक्ष बनाए जाने से भारत-पाक संबंधों में जारी सुधार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा.