भारत के उड़ीसा और आंध्रप्रदेश राज्यों में और पड़ोसी देश बांग्लादेश में गर्मी और लू के कारण कई लोगों की मौत हो गई है.
सरकारी अधिकरियों के अनुसार इस साल गर्मियों में उड़ीसा में लू के कारण अब तक 42 लोगों की मृत्यु हो चुकी है.
आंध्र प्रदेश में पिछले महीने लू के कारण कम से कम 35 लोग मारे गए थे लेकिन पिछले कुछ दिनों में वहाँ तापमान कुछ गिरा है जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है.
उड़ीसा में भीषण गर्मी
उड़ीसा में कई जगह पर तापमान 45 डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुँच गया है.
शुक्रवार को राजधानी भुवनेश्वर में तापमान इस साल सबसे ज़्यादा 43 डिग्री सेंटीग्रेड था जबकि औद्योगिक नगर तालचेर में तो तापमान 47 डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुँच गया.
ग़ैर-आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि असल में गर्मी और लू के कारण मारे गए लोगों की संख्या आधिकारिक आँकड़ो से कहीं अधिक है और सौ से ज़्यादा है.
मैसव विभाग के अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि उड़ीसा में दस जून तक पहुँच जाने वाली वर्षा में इस बार कुछ देर हो सकती है.
इसलिए उड़ीसा में भीषण गर्मी कुछ दिन और चल सकती है और सरकार इसे देखते हुए कई कदम उठा रही है.
बांग्लादेश में बुरा हाल
उधर भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी भीषण गर्मी के कारण कई लोगों की मौत हुई है लेकिन इस बारे में कोई आधिकारिक आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं.
अख़बारों की ख़बरों के अनुसार बांग्लादेश में कम से कम 25 लोग मारे गए हैं और सैकड़ों लोग बीमार हो गए हैं.
मौसम विशेषज्ञ महमूदुल हक़ ने बीबीसी को बताया, "अब तक बांग्लादेश के जैसोर नगर में सबसे अधिक 41.8 डिग्री सेटीग्रेड तापमान देखा गया है लेकिन मैसम में 80 प्रतिशत नमी के गर्मी असहनीय हो रही है."
गर्मी से बीमार हुए लोगों के अस्पतालों में भर्ती होने से वहाँ लोगों की भीड़ लग गई है और शिक्षा संस्थानों में गर्मी की छुट्टियाँ समय से पहले घोषित कर दी गई हैं और उन्हें बंद कर दिया गया है.