शुक्रवार, 03 जून, 2005 को 09:55 GMT तक के समाचार
दुनिया की सबसे ऊँची पर्वत चोटी एवरेस्ट पर दो नेपाली पर्वतारोहियों ने एक दूसरे के गले में वरमाला पहनाकर और विवाह रचाकर एक रिकॉर्ड बनाया है.
दूल्हा और दुल्हन दोनों ही नेपाली हैं और उन्होंने बताया कि अपनी शादी की ख़बर उन्होंने गुप्त रखी थी क्योंकि इस बात की कोई गारंटी नहीं थी कि इस सबसे ऊँची पर्वत चोटी पर वे पहुँच भी पाएंगे या नहीं.
मोनी मूले पाती और पेम दोरजी शेरपा के इस रोमांचक प्रेम प्रसंग ने सबको चौंका दिया और उनके ख़ुद के पर्वतारोही दल के सदस्य भी हैरान रह गए.
इसी सप्ताह एवरेस्ट पर उन्होंने कुछ मिनट के लिए अपने ऑक्सीज़न मॉस्क उतार दिए और एक दूसरे को प्लास्टिक की मालाएँ पहनाईं.
पेम दोरजी ने उसके बाद अपनी पत्नी मोनी की माँग सिंदूर से भर दी.
इस रोमांचक पर्वतारोही दौरे के बाद काठमांडू लौटकर दुल्हन मोनी ने कहा कि उस दुर्गम स्थान पर विवाह के सभी धार्मिक रीति-रिवाज़ पूरे करना संभव नहीं था इसलिए सिर्फ़ वरमालाएँ पहनाकर और माँग में सिंदूर भरकर ही काम चलाया क्योंकि उस समय वहाँ इतना भर ही उपलब्ध था.
अब यह नवविवाहित जोड़ा जल्दी ही अपने विवाह की दावत आयोजित करेगा.
इन दोनों का कहना था कि पहले भी कुछ अन्य लोगों ने इसी रोमांचक तरीके से विवाह करने का इरादा किया था लेकिन वह संभव नहीं हो सका क्योंकि दोनों लोग एक साथ एवरेस्ट तक नहीं पहुँच सके.
ख़ुद के लिए भी ऐसी ही आशंका को देखते हुए इन्होंने भी अपने विवाह की बात गुप्त रखी थी और जब यह संभव हो गया तो दोनों के परिवारों ने नव विवाहित जोड़े का ज़ोरदार स्वागत किया.
इस शादी को इसलिए भी असाधारण कहा जा रहा है क्योंकि दोनों ने नेपाल में गहरे से पैठ बनाए जाति बंधन को तोड़कर शादी की है.
एक अख़बार ने चुटकी लेते हुए लिखा कि यह ऐसा विवाह है जो अगर स्वर्ग में नहीं रचा गया तो उसके नज़दीक तो हुआ ही.
इसके अलावा एवरेस्ट पर इस सप्ताह और भी कई रोचक घटनाएँ हुईं. अप्पा शेरपा ने 15 बार एवरेस्ट पर चढ़कर अपना रिकॉर्ड तोड़ा.
दो ईरानी महिलाएँ भी एवरेस्ट पर चढ़ने में कामयाब हुईं जो एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली मुस्लिम महिलाएँ हैं.
एवरेस्ट के पास ही एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना भी हुई लेकिन सौभाग्य से कोई हताहत नहीं हुआ.