गुरुवार, 02 जून, 2005 को 03:13 GMT तक के समाचार
अलगाववादी पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस के नौ नेता आज श्रीनगर मुज़फ्फ़राबाद बस सेवा से मुजज़फ्फ़राबाद जाएंगे लेकिन अभी ये स्पष्ट नहीं है कि ये नेता पाकिस्तान के किसी और शहर जाएंगे या नहीं.
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अगर ये नेता मुज़फ्फ़राबाद से आगे कहीं जाते हैं तो इसकी ज़िम्मेदारी पाकिस्तान सरकार की होगी.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने कहा कि कुछ हुर्रियत नेताओं ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया है और इस संबंध में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में प्रक्रिया चल रही है.
प्रवक्ता सरना ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा " किसी भी भारतीय नागरिक को श्रीनगर मुज़फ्फ़राबाद बस के ज़रिए नियंत्रण रेखा पार कर मुज़फ्फराबाद और अन्य स्थानों पर जाने के आवेदन पर विचार करने के लिए सरकार तैयार है."
उनका कहना था कि इस तरह के आग्रह को भारत और पाकिस्तान के बीच यात्रा परमिट संबंधी बनी सहमति के आधार पर अनुमति दी जाती है.
श्रीनगर से बीबीसी संवाददाता अल्ताफ हुसैन का कहना है कि आज हुर्रियत के नौ नेता मुज़फ्फराबाद जाने वाले हैं.
लेकिन अभी तक इस बारे में जानकारी नहीं मिली है कि इन नेताओं में से सभी को पासपोर्ट मिले हैं या नहीं.
हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़, अब्दुल ग़नी बट्ट, मौलवी अब्बास अंसारी, जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ़) के यासीन मलिक और डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी के शब्बीर शाह के पाकिस्तान जाने का कार्यक्रम है.
हालांकि ख़बर है कि शब्बीर शाह को यात्रा संबंधी दस्तावेज़ नहीं मिले हैं और वो नहीं जाएंगे.
हुर्रियत के कट्टरपंथी माने जाने वाले धड़े ने पाकिस्तान के निमंत्रण को ठुकरा दिया है. इस धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी हैं.
हुर्रियत नेताओं ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर से बाहर इस्लामाबाद तक जाने की इच्छा जताई है.
पाकिस्तान हुर्रियत नेताओं को इस्लामाबाद तक जाने देने की अनुमति देने की पहले ही घोषणा कर चुका है.