बुधवार, 01 जून, 2005 को 06:31 GMT तक के समाचार
बिहार के बाढ़ राहत घोटाले के प्रमुख अभियुक्त संतोष झा ने बुधवार को पटना के एक विशेष जज के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.
बाद में स्वास्थ्य के आधार पर दाखिल ज़मानत याचिका को रद्द करते हुए उन्हें छह जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
संतोष झा वही व्यक्ति हैं जो बाबा सत्य साईं इंटरप्राइज़ेस (बीएसएसआई) के संचालक हैं और जिन्हें सरकार की ओर से बाढ़ राहत के 18 करोड़ के चेक दिए गए.
दरअसल ये चेक बीएसएसआई (बिहार स्माल स्केल इंडस्ट्रीज़) के नाम से जारी होना था लेकिन सरकारी अफ़सरों के साठगाँठ से यह राशि दूसरे बीएसएसआई को दे दी गई.
इस 18 करोड़ रुपए में से 11 करोड़ रुपयों का कोई हिसाब किताब नहीं मिल रहा है.
प्रमुख अभियुक्त
बीबीसी के पटना संवाददाता मणिकांत ठाकुर के अनुसार इस पूरे मामले में दो पक्ष हैं एक सरकारी और दूसरा ग़ैर सरकारी.
सरकारी पक्ष की ओर से प्रमुख अभियुक्त हैं पटना के ज़िलाधीश रहे चर्चित गौतम गोस्वामी. उनके ख़िलाफ़ भी वारंट है और वे अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.
ग़ैर सरकारी पक्ष में इस मामले में पाँच अभियुक्तों को पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है. संतोष झा प्रमुख अभियुक्त हैं और अब वे भी हिरासत में हैं.
संतोष झा ने बुधवार को विशेष जज (निगरानी) जितेंद्र मोहन शर्मा की अदालत में आत्मसमर्पण किया.
आत्मसमर्पण के बाद उन्होंने दिल्ली के अपोलो अस्पताल में इलाज का हवाला देकर ज़मानत अर्ज़ी दाखिल की थी जिसे ख़ारिज करते हुए उन्हें छह जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
संतोष झा के ख़िलाफ़ मंगलवार को गिरफ़्तारी वारंट जारी कर रेड अलर्ट जारी किया गया था.
गोस्वामी की तलाश
उधर पटना के पूर्व ज़िलाधीश गौतम गोस्वामी की तलाश ज़ोर शोर से जारी है.
उनके ख़िलाफ़ देश के सभी हवाई अड्डों पर रेड अलर्ट जारी है.
मंगलवार को उनके ख़िलाफ़ ग़ैर ज़मानती गिरफ़्तारी वारंट जारी किया गया है जिसमें गौतम गोस्वामी के घर की तलाशी का वारंट शामिल है.
उनका पासपोर्ट जब्त करके उसे रद्द करने की प्रक्रिया भी चल रही है.
उधर गौतम गोस्वामी के वकील तुहीन शंकर का कहना है कि वे क़ानूनी विकल्पों की तलाश में लगे हुए हैं.
इसके बाद वे उनकी ज़मानत के लिए अर्जी दाख़िल करेंगे.