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शनिवार, 28 मई, 2005 को 14:56 GMT तक के समाचार

हमलावर की शिनाख़्त के लिए अभियान

पाकिस्तान में पुलिस ने यह कहते हुए एक व्यक्ति का फोटो जारी किया है कि उसी ने शुक्रवार को इस्लामाबाद में एक सूफ़ी दरगाह पर बम विस्फोट किया था.

ग़ौरतलब है कि राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को बड़ी इमाम दरगाह पर हुए एक बम धमाके में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से ज़्यादा घायल हुए थे. मारे गए हैं.

पुलिस ने दरगाह पर हुए इस हमले के ज़िम्मेदार आत्मघाती हमलावर और उसके साथियों के बारे में ज़्यादा जानकारी देने के लिए बीस लाख रुपए के ईनाम की घोषणा भी की है.

दरगाह पर हुए हमले की तस्वीरें

शिया समुदाय ने इस हमले में मारे गए लोगों के सम्मान में तीन दिन का शोक घोषित किया है.

शनिवार को पाकिस्तान के तमाम अख़बारों ने इस बम हमले के हमलावर की संभावित तस्वीरें छापीं.

पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने समाचार एजेंसी एपी को बताया, "जाँचकर्ता हमलावर की शिनाख्त करने की कोशिश कर रहे हैं और हम जल्दी पता लगा लेंगे कि वह कौन था."

हमले के चश्मदीद गवाहों का कहना है कि हमलावर भी क़रीब एक हज़ार लोगों को जुलूस में शामिल हो गया था और उसने अपने पेट से बाँधा विस्फोटक भीड़ के बीच ही उड़ा दिया था.

इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता ज़फ़र अब्बास का कहना है कि पुलिस ने इस हमले की जाँच में पूरी ताक़त झोंक दी है लेकिन अभी कुछ ही ठोस नतीजे सामने आए हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि देश में माहौल आमतौर पर शांत है लेकिन शिया समुदाय में ग़ुस्सा नज़र आ रहा है.

सरकार ने तनाव को देखते हुए सुरक्षा इंतज़ाम बढ़ा दिए हैं.

निंदा

राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने इस हमले की निंदा की है और लोगों से "मज़हबी आतंकवाद, जातिवाद और अतिवाद" के ख़िलाफ़ एकता बनाए रखने की अपील की.

परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा, "पुलिस अकेले अपनी जाँच पूरी नहीं कर सकती. सरकार और क़ानून लागू करने वाली एजेंसियों को लोगों का भरपूर सहयोग चाहिए और यह हर आदमी का कर्तव्य है कि वह जाँच में मदद करे."

संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने भी इस बम हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह बड़े दुख की बात है कि आम लोगों को उनके धार्मिक स्थलों में ही निशाना बनाया जा रहा है.