गुरुवार, 26 मई, 2005 को 11:29 GMT तक के समाचार
अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने घोषणा की है कि उनका फाउंडेशन एचआईवी-एड्स से निपटने के लिए भारत के डेढ़ लाख निजी डाक्टरों को प्रशिक्षण देगा.
यह प्रशिक्षण अगले साल भारत की एड्स नियंत्रक संस्था 'नैको' के साथ मिलकर दिया जाएगा.
तीन दिन की भारत यात्रा पर आए बिल क्लिंटन ने दिल्ली में यह घोषणा की है.
वैसे तो क्लिंटन फ़ाउंडेशन की योजना के तहत दुनिया भर में सात लाख डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जाना है लेकिन इसमें डेढ़ लाख डॉक्टर भारत के होंगे.
इसकी घोषणा करते हुए बिल क्लिंटन ने कहा कि एड्स से निपटने के लिए दो ही चुनौतियाँ हैं, एक तो सस्ती दवाओं की उपलब्धता और दूसरी एचआईवी और एड्स के मरीज़ों को समुचित जानकारी के साथ दवाओं का पहुँचना.
उन्होंने भारतीय दवा कंपनियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनकी वजह से दुनिया भर में एचआईवी-एड्स के रोगियों के इलाज के लिए सस्ती दवा तो मिलने लगी लेकिन दवा को ज़रुरत मंदों तक पहुँचाना अपने आपमें एक चुनौती है.
उन्होंने कहा कि हालांकि दक्षिण अफ़्रीका की तुलना में भारत में एड़्स रोगियों की संख्या कम नहीं है लेकिन वे भारत को लेकर ज़्यादा चिंतित हैं.
इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि एक तो भारत तेज़ी से विकास कर रहा देश है, दूसरा इसकी जनसंख्या ज़्यादा है और तीसरे यहाँ लोगों की जो जीवन शैली है उसमें संक्रमण का ख़तरा ज़्यादा है.
योजना
क्लिंटन फ़ाउंडेशन की योजना के अनुसार निजी चिकित्सकों का चयन आईएमए के सदस्यों में से किया जाएगा.
इसके तहत पहले 500 डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जाएगा जो मास्टर ट्रेनर कहलाएँगे और इनकी सहायता से बाक़ी डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जाएगा.