बुधवार, 25 मई, 2005 को 01:52 GMT तक के समाचार
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बिहार में विधानसभा को भंग कराके दोबारा चुनाव कराने के सरकार के फ़ैसले को सही ठहराया है.
प्रधानमंत्री ने राजस्थान में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि "बिहार में बदतरीन किस्म की सौदेबाज़ी" को देखते हुए वहाँ दोबारा चुनाव कराने के अलावा कोई और रास्ता नहीं रह गया था.
उन्होंने कहा, "बिहार में चुनाव हुए तीन महीने हो चुके हैं और कोई सरकार नहीं बन पाई इसलिए माहौल ऐसा बन गया कि बहुत बुरी तरह से सौदेबाज़ी का दौर चलने लगा. सरकार का कर्तव्य है कि वह ऐसी गतिविधियों को रोके ताकि देश और लोकतंत्र का नाम बदनाम न हो."
लेकिन बिहार विधानसभा को भंग करने के निर्णय को 'असंवैधानिक' क़रार देते हुए राष्ट्रीय लोकताँत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने मंगलवार को बिहार बंद का आयोजन किया.
इस दौरान एनडीए समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हुई और लगभग एक हज़ार लोगों को गिरफ़्तार किया गया.
चुनाव आयोग
इस बीच चुनाव आयोग शुक्रवार को अपने अधिकारियों के दल को बिहार भेज रहा है जो राज्य में चुनाव करवाने की तैयारियों का जायज़ा लेगा.
संभावना व्यक्त की जा रही है कि चुनाव आयोग अगले सप्ताह चुनाव की तारीख़ों की घोषणा कर सकता है.
चुनाव आयोग का दो सदस्यीय दल इस बात का आकलन करेगा कि राज्य में मतदान कराने के लिए व्यवस्था करने में कितना समय लगेगा.
इस दल के सदस्य होंगे उप चुनाव आयुक्त आनंद कुमार और आयोग के क़ानूनी सलाहकार एसके मेंहदीरत्ता, वे राज्य के राजनीतिक दलों और प्रशासनिक अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद आयोग को अपनी रिपोर्ट देंगे.
उनकी रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग मतदान प्रक्रिया की तारीख़ों की घोषणा करेगा.