शनिवार, 21 मई, 2005 को 08:27 GMT तक के समाचार
बिहार में सरकार बनाने के मुद्दे पर रामविलास पासवान के रुख़ को लेकर उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी में विरोध के स्वर सामने आने लगे हैं.
लोक जनशक्ति पार्टी के महासचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि ने जनता दल-यू के नेतृत्ववाली सरकार को लेकर रामविलास पासवान के ऊहापोह भरे रवैये के विरोध में शनिवार को इस्तीफ़ा दे दिया.
नागमणि ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफ़ा रामविलास पासवान के पास भेज दिया है.
उनका आरोप था कि पासवान लालू यादव की पार्टी के विरोध में मिले जनादेश का आदर नहीं कर रहे हैं.
उनका कहना था कि बिहार में सरकार बनाने के पासवान के सारे सुझाव और फ़ार्मूले राजनीतिक दलों ने ठुकरा दिए हैं.
नागमणि का कहना था कि उन्होंने बार- बार रामविलास पासवान को सुझाव दिया कि जनता दल- यू नेता नीतिश कुमार के नेतृत्ववाली सरकार को समर्थन दे दें लेकिन वह ऊहापोह में रहे.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार खबरें हैं कि लोक जनशक्ति पार्टी के कुछ विधायक सरकार बनाने के लिए जमशेदपुर में ठहरे हुए हैं.
पासवान की प्रतिक्रिया
लोकजनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने बीबीसी से बातचीत ने साफ़ कहा, "हमारी पार्टी न तो टूट रही है और न कोई विधायक अलग हो रहा है.''
उनका कहना था कि वो धारा के विपरीत नाव खे रहे हैं और ऐसे में दिक्कतें होती ही हैं.
इन ख़बरों के बाद शनिवार को जनता दल-यू नेता शरद यादव के घर एक बैठक हुई थी.
शरद यादव ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "नागमणि ने बहुसंख्यक विधायकों की भावनाओं को व्यक्त किया है."
इसके पहले रामविलास पासवान ने कहा था कि कांग्रेस किसी मुसलमान नेता को मुख्यमंत्री बनाती है तो वह राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साथ भी सरकार बनाने पर विचार कर सकते हैं.
हालाँकि वह इस बात पर अब भी अड़े हुए हैं कि लोक जनशक्ति पार्टी को भाजपा और आरजेडी का मुख्यमंत्री मंज़ूर नहीं है.
दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल ने पासवान के इस फ़ार्मूले को ठुकराते हुए कहा था कि यह उनके ख़ुद मुख्यमंत्री बनने की चाल है.
ग़ौरतलब है कि बिहार में इसी साल फ़रवरी-मार्च में चुनाव के बाद सरकार बनने की कोई स्थिति न बन पाने के कारण राष्ट्रपति शासन है.