सोमवार, 16 मई, 2005 को 13:44 GMT तक के समाचार
श्रीलंका में एक बौद्ध भिक्षु ने उस समय आत्महत्या कर ली जब उन्हें एक नौ वर्ष की लड़की के साथ बलात्कार के मामले में क़ैद की सज़ा सुनाई गई.
राजधानी कोलंबो के निकट न्यूगेगोड़ा में श्री विमलराम मंदिर के बेल्लाना पन्नालोका थेरो ने सज़ा सुनाए जाने के तुरंत बाद अपनी जेब से ज़हर निकाला और उसे पी गए.
गंभीर हालत में इस बौद्ध भिक्षु को अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन वहाँ बाद में उनकी मृत्यु हो गई.
42 वर्षीय इस बौद्ध भिक्षु को 2001 में एक लड़की के साथ बलात्कार के मामले में 20 साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई थी.
श्रीलंका में बौद्ध भिक्षुओं का प्रभाव बहुत ज़्यादा है और क़रीब दो करोड़ की आबादी के 70 फ़ीसदी लोग बौद्ध भिक्षु हैं.
सोमवार को कोलंबो हाई कोर्ट के जज रोहिणी परेरा ने बेल्लाना पन्नालोका थेरो को 20 साल क़ैद की सज़ा के साथ-साथ उन पर 10 हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगाया.
अदालत ने उन्हें मई और जून 2001 के बीच इस लड़की के साथ कई बार बलात्कार करने का दोषी ठहराया.
कोलंबो नेशनल अस्पताल के निदेशक हेक्टर वीरसिंघे ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि बौद्ध भिक्षु की जाँच-पड़ताल से यही लग रहा है कि उन्होंने कीड़े मारने वाली दवा पी है.
श्रीलंका में बौद्ध भिक्षुओं के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के मामले कम ही मिलते हैं. हालाँकि पहले भी एक लड़के के यौन उत्पीड़न के मामले में एक बौद्ध भिक्षु को 15 साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई थी.