http://www.bbcchindi.com

शुक्रवार, 06 मई, 2005 को 13:03 GMT तक के समाचार

सेंटूर मामले में एनडीए की आलोचना

नियंत्रक और महालेखा परीक्षक ने मुंबई के सेंटूर होटल के बेचने को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(एनडीए) सरकार की विनिवेश नीति की कड़ी आलोचना की है.

महालेखा परीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एनडीए सरकार ने होटल की बोली लगाने वाले एकमात्र शख्स अजित केरकर को होटल बेच दिया.

रिपोर्ट में कहा गया है कि विनिवेश मंत्रालय ने बिना किसी प्रतिस्पर्धी की तलाश के सेंटर होटल को बेचा था.

इसमें कहा गया है कि अन्य मामलों में होटल की कीमत एक समान नहीं रही.

साथ ही रिपोर्ट में पूरी प्रक्रिया और होटल की कीमत के आकलन की भी आलोचना की गई है.

इसमें कहा गया है कि जुहू सेंटूर और एयरपोर्ट सेंटूर की बिक्री को केवल एक बोली के आधार पर अंतिम कर दिया गया.

दरअसल इस मामले में तत्कालीन विनिवेश मंत्री अरुण शौरी पर सवाल उठाया गया है.

शौरी पर निशाना

इसके पहले संसद में भी तत्कालीन विनिवेश मंत्री अरुण शौरी को जुहू होटल को अजित केरकर की ट्यूलिप कंपनी को 153 करोड़ रुपए में बेचने को लेकर भी निशाना बनाया गया था.

लेकिन अरुण शौरी ने इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और जुहू सेंटूर की बिक्री के मामले में खुली जाँच की चुनौती दी है.

उनका आरोप था कि वित्त मंत्री पी चिदंबरम कुछ चुनिंदा अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर इसे मुद्दा बना रहे हैं.

अरुण शौरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ''मैं किसी भी सवाल का जवाब देने और जाँच के लिए तैयार हूँ. लेकिन मेरा एक ही अनुरोध है कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री इसकी खुली जाँच करवाएँ.''

तत्कालीन एनडीए सरकार ने पर्यटन विकास निगम के चार होटलों को बेचने का फ़ैसला किया था.

ये सभी होटल घाटे में चल रहे थे और सरकार इनमें फँसी पूँजी को निकालना चाहती थी.