सोमवार, 02 मई, 2005 को 06:12 GMT तक के समाचार
प्रमुख विपक्षी गठबंधन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने फ़ैसला किया है कि वह वित्त विधेयक पर बहस के लिए संसद में जाएगा और संसद का अपना बहिष्कार अनिश्चित काल के लिए जारी रखेगा.
वित्त विधेयक पर बहस के लिए सदन में मौजूद रहने के बावजूद अपना दैनिक भत्ता नहीं लेंगे.
संसद के बहिष्कार को जारी रखने का निर्णय करते हुए विपक्ष ने कहा है कि "मनमोहन सिंह को सिर्फ़ अपनी कुर्सी की चिंता है."
उल्लेखनीय है कि रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव के ख़िलाफ़ चारा घोटाले मामले में एक और आरोप पत्र दाखिल होने के बाद उनके इस्तीफ़े की माँग कर रहे एनडीए ने पिछले बुधवार से संसद का बहिष्कार कर रहा है.
एनडीए ने लोकसभा अध्यक्ष और प्रधानमंत्री का संसद की कार्रवाइयों में भाग लेने का अनुरोध भी ठुकरा दिया था.
दूसरी ओर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि लालू प्रसाद यादव को रेलमंत्री के पद ने नहीं हटाया जा रहा है.
एक बैठक और होगी
दाग़ी मंत्रियों को हटाने के मसले पर लगातार विरोध कर रहे एनडीए ने 25 अप्रैल को लालू प्रसाद यादव के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाख़िल होने के बाद संसद में ज़ोरदार हंगामा भी किया था और दो दिनों तक संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी थी.
इसके बाद 27 अप्रैल को एनडीए ने तीन दिनों के लिए संसद के बहिष्कार का निर्णय लिया था.
सोमवार दो मई को हुई एनडीए की 90 मिनट चली बैठक में निर्णय लिया गया है कि संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही का बहिष्कार जारी रखा जाएगा लेकिन वित्त विधेयक पर चल रही बहस के लिए एनडीए के सदस्य दोनों सदनों में उपस्थित रहेंगे.
इस बैठक के बाद भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने बताया कि वित्त विधेयक पर वोट हो जाने के बाद एनडीए कॉर्डिनेशन कमेटी की एक और बैठक होगी और इसमें फ़ैसला लिया जाएगा कि आगे की कार्यवाही क्या होगी.
इससे पहले भी विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार विपक्ष की अनदेखी कर रही है.