शनिवार, 30 अप्रैल, 2005 को 09:21 GMT तक के समाचार
भारत के बाद जापानी प्रधानमंत्री जुनिचिरो कोइज़ुमी दोदिवसीय दौरे पर पाकिस्तान में हैं.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वे पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ और प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ के साथ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्थित पर बातचीत करेंगे.
साथ ही वे आतंकवाद और परमाणु अप्रसार के संबंध में भी चर्चा करेंगे.
पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि जापानी प्रधानमंत्री की यह यात्रा आर्थिक रिश्तों को लेकर अहम मानी जा रही है.
पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय आर्थिक ताकत के साथ संबंध बढ़ाना चाहता है और विदेश निवेश भी आकर्षित करना चाहता है.
वे सुरक्षा परिषद में जापान की दावेदारी पर भी बातचीत करेंगे. पाकिस्तान की भारत के दावे के संबंध को लेकर आपत्ति है.
उल्लेखनीय है कि चीन जहाँ जापान को सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट दिए जाने का विरोध करता है, वहीं पाकिस्तान भारत की उम्मीदवारी का विरोध करता है.
जर्मनी और ब्राज़ील भी विस्तारित सुरक्षा परिषद में जगह पाने की उम्मीद करते हैं.
इस यात्रा के दौरान जापान और पाकिस्तान के बीच सहयोग समझौते पर भी हस्ताक्षर हो सकते हैं.
जापान पाकिस्तान की कई विकास योजनाएँ में भागीदार है.
हालांकि जापान और भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए एक-दूसरे की दावेदारी का खुलकर समर्थन किया.
दिल्ली में जापानी प्रधानमंत्री जुनिचिरो कोइज़ुमी और भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मुलाक़ात के दौरान दोनों देशों में यह सहमति बनी.
मुलाक़ात के बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया.
सुरक्षा परिषद की सदस्यता के बारे में संयुक्त बयान में कहा गया है, "दोनों नेताओं ने उम्मीदवारी का परस्पर समर्थन किया है. दोनों मानते हैं कि विस्तारित सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत और जापान उपयुक्त उम्मीदवार है."