बुधवार, 27 अप्रैल, 2005 को 04:54 GMT तक के समाचार
श्रीलंका में एक यात्री ट्रेन रेलवे क्रासिंग पर खचाखच भरी बस से टकरा गई है जिसमें कम से कम 35 लोग मारे गए हैं और 30 से ज़्यादा घायल हो गए हैं.
पहले मृतकों की संख्या 50 बताई गई थी लेकिन अब अधिकारियों ने यह संख्या 35 बताई है.
टक्कर के बाद ट्रेन और बस में आग लग गई. इससे ट्रेन में सवार लोगों को कोई नुक़सान नहीं हुआ है लेकिन राहत कार्य में मुश्किलें हुईं.
दुर्घटना राजधानी कोलंबो से 80 किलोमीटर दूर पोलगाहवेला शहर के पास हुई जब एक लेवल-क्रासिंग(रेल फाटक) पर एक एक्सप्रेस ट्रेन और बस की भिड़ंत हो गई.
श्रीलंका से बीबीसी संवाददाता दुमीता लूथरा ने बताया है कि बस यात्रियों से खचाखच भरी थी.
पुलिस के अनुसार कई यात्रियों के जले हुए शव अभी भी मलबे में फंसे हैं.
मारे गए अधिकतर लोग बस यात्री थे.
अभी ये पता नहीं चल पाया है कि कोलंबो से कैंडी जा रही ट्रेन के यात्रियों में से कितने को चोटें आई हैं.
ड्राइवर पर आरोप
भारतीय समय के अनुसार सुबह के आठ बजे यह दुर्घटना हुई.
मामले की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि बस के ड्राइवर ने सिग्नल की अनदेखी की और पटरी पार करने की कोशिश की जिसके कारण यह दुर्घटना हुई.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि श्रीलंका मे निजी बसें चलती हैं जो हमेशा एक दूसरे को पीछे छोड़ने की कोशिश में लगी रहत हैं.
रेल कंपनी के अनुसार बस में 99 यात्री थे.
पुलिस अधिकारी अशोक रत्नवीरा का कहना है, "यह लापरवाही का मामला है. बस के ड्राइवर ने सिग्नल की परवाह नहीं की और पटरी पार करने की कोशिश की."
परिवहन मंत्री फेलिक्स परेरा ने स्थानीय टीवी पर कहा है कि इस समय पूरा ध्यान लोगों को बचाने में दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा, "इस समय हम ट्रेन के बारे में भी नहीं सोच रहे है बल्कि कोशिश है कि कितने लोगों को बचाया जा सकता है."
घायलों को आस पास के तीन अस्पतालों में ले जाया जा रहा है.
घटनास्थल के पास कुरुनेगाला सरकारी अस्पताल के एक स्वास्थ्य अधिकारी नलिका बंडारा ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "अभी भी घायलों को लाया जा रहा है. अस्पताल में अभी 40 से अधिक घायल लोग लाए जा चुके हैं."
स्थानीय पुलिस के अनुसार ड्राइवर ने सिग्नल की अनदेखी की और ट्रेन के जाने से पहले पटरी पार करने की कोशिश की जिसमें बस फंस गई और ये दुर्घटना हुई.