शुक्रवार, 22 अप्रैल, 2005 को 10:10 GMT तक के समाचार
जकार्ता से नागेंदर शर्मा
बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान ने हाल की शांति वार्ता के दौरान जो प्रगति की है, उस पर उन्हें गर्व है.
अफ़्रो-एशियाई देशों के इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित सम्मेलन में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि दिल्ली में हुई हाल की बातचीत में दोनों देशों ने जो गंभीरता, लचीला रुख़ और साहस दिखाया उस पर दोनों देश गर्व कर सकते हैं.
उनका कहना था कि इससे शांति और सदभावना बढ़ेगी.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि द्विपक्षीय बातचीत टकराव टालने के लिए ज़रूर होनी चाहिए पर इसके लिए कोई संस्थागत व्यवस्था तैयार करने की आवश्यकता है.
उन्होंने चरमपंथ और परमाणु हथियारों के प्रसार को दुनिया के सबसे बड़े खतरे बताया और आर्थिक असमानता को असल समस्या बताया.
उन्होंने किसी देश और मुद्दे का नाम लिए बिना कहा कि किसी विवाद को अनिश्चितकाल के लिए टाला नहीं जाना चाहिए.
मुशर्रफ़ की यात्रा
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने एक साझा बयान जारी किया था.
इस बयान में कहा गया था कि दोनों देशों के बीच चल रही शांति प्रक्रिया को अब वापस पलटे जाने की कोई संभावना नहीं है.
कश्मीर विवाद के हल के लिए अब तक उठाए गए कदमों पर संतुष्टि ज़ाहिर करते हुए दोनों नेताओं ने आगे बात जारी रखने की बात भी संयुक्त बयान में कही.
साझा बयान में कहा गया था कि जम्मू कश्मीर के विवाद को हल करने के लिए दोनों देश पूरी गंभीरता से उद्देश्यपूर्ण चर्चा जारी रखेंगे.