गुरुवार, 21 अप्रैल, 2005 को 18:15 GMT तक के समाचार
मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि नेपाल में नरेश ज्ञानेंद्र के सत्ता अपने हाथ में लेने के बाद से वहाँ तीन हज़ार लोगों को हिरासत में लिया गया है.
एमनेस्टी का कहना है कि स्थानीय मानवाधिकार गुटों की जानकारी के आधार पर उसने पिछले दो महीने में हिरासत में लिए गए लोगों का ब्योरा तैयार किया है.
जिन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है उनमें राजनीतिक नेता, मानवाधिकार संगठनों के कार्यकर्ता और पत्रकार शामिल हैं.
एमनेस्टी ने नेपाल सरकार के उस दावे पर भी सवाल उठाए हैं जिसके अनुसार फ़रवरी में लागू किए गए आपातकाल के नियमों में रियायत देने की बात कही गई है.
इस संगठन का कहना है कि उसे ऐसी रिपोर्टें मिली हैं कि कई कैदियों को उत्पीड़न भी सहना पड़ा है.
नेपाल सरकार ने फ़िलहाल इन आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी है.
लेकिन नेपाली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल दीपक गुरंग ने बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों के हनन से साफ़ इनकार किया है.