शनिवार, 16 अप्रैल, 2005 को 17:29 GMT तक के समाचार
भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आए पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि अब दोनों देशों के बीच विभिन्न मुद्दों को सुलझाने के लिए निर्णय की घड़ी आ गई है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुशर्रफ़ के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया था जहां उन्होंने संवाददाताओं से कहा दोनों देशों के बीच मसलों को ज्यादा देर तक टाला नहीं जा सकता और अब समय आ गया है कि उन्हें सुलझाने के लिए बड़े फैसले किए जाएं.
इससे पहले मुशर्रफ़ और भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह की लंबी बातचीत हुई.
भोज के दौरान नटवर सिंह ने कहा कि दोनों देशों को आपसी मसले सुलझाने के लिए फैसले करने होंगे लेकिन वार्ता तभी आगे बढ़ सकेगी जब दोनों देश मिल कर आतंकवाद का सामना करें.
सिंह ने कहा कि भारत, पाकिस्तान और कश्मीर की जनता ने कश्मीर में चल रहे संघर्ष की भारी कीमत चुकाई है.
उन्होंने कहा कि सभी मसलों के समाधान के लिए व्यवहारिक तरीके निकालने होंगे ताकि बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम किया जा सके.
भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आए राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की कल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ औपचारिक बातचीत होनी है.
अजमेर यात्रा
इससे पहले राष्ट्रपति मुशर्रफ़ जयपुर पहुँचने के बाद सबसे पहले अजमेर गए जहाँ उन्होंने ख्वाज़ा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर ज़ियारत की और चादर चढ़ाई.
ज़ियारत करने के बाद राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों मुल्कों की बेहतरी की दुआ मांगी है.
मुशर्रफ़ का कहना था कि उन्होंने दोनों मुल्कों में अमन और सदभावना बनी रहे ऐसी दुआ की है.
उन्होंने कहा,"मुझे और मेरी पत्नी को यहाँ आकर खुशी मिली. मैंने दोनों देशों की शांति और प्रगति के लिए दुआ माँगी और मुझे आशा है कि मेरी दुआ पूरी होगी".
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि वो चाहते हैं कि दोनों देशों के मतभेद दूर हों और दोनों देशों की जनता शांति और खुशहाली से रह सके.
उनका कहना था कि शांति के बिना तरक्की मुमकिन नहीं है इसलिए उन्होंने दोनों देशों के लिए शांति और तरक्की की दुआ माँगी है.
परवेज़ मुशर्रफ़ अपनी पत्नी सहबा मुशर्रफ़ के अलावा पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी, सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद और कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारत पहुँचे हैं.
जयपुर हवाई अड्डे पर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का स्वागत किया.
परवेज़ मुशर्रफ़ रविवार को दिल्ली के फ़िरोज़शाह कोटला मैदान में भारत और पाकिस्तान के बीच अंतिम एकदिवसीय मैच देखेंगे.
प्रमुख भारतीय नेताओं के साथ थोड़ी देर मैच देखने के बाद वे भारत के राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम के साथ भोजन करेंगे.
रविवार को ही वे विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी और हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं से भी मिलेंगे.
सोमवार को उनका भारतीय संपादकों से मिलने का कार्यक्रम है और उसके बाद वे मनीला रवाना हो जाएँगे.
सुरक्षा
मुशर्रफ़ की यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.
सुरक्षा एजेंसियों ने उन सभी स्थानों को अपने नियंत्रण में ले लिया है जहाँ राष्ट्रपति मुशर्रफ़ रहेंगे या जाएंगे.
इसमें फ़िरोज़शाह कोटला मैदान शामिल हैं जहाँ 17 अप्रैल को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और परवेज़ मुशर्रफ़ भारत और पाकिस्तान के बीच एकदिवसीय मैच देखेंगे.
इन वीआईपी अतिथियों के लिए कोटला मैदान के निकट अंबेडकर स्टेडियम में हेलीपैड तैयार किया गया है.
स्टेडियम में उनके बैठने के लिए ख़ास जगह तय की गई है और उसे बुलेटप्रूफ़ केबिन से कवर किया गया है.