रविवार, 03 अप्रैल, 2005 को 14:55 GMT तक के समाचार
बिहार में सरकार बनाने के तेज़ होते प्रयासों के बीच जनता दल यूनाइटेड नेता नीतिश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाक़ात की है.
नीतिश कुमार और आडवाणी की मुलाक़ात महत्वपूर्ण है क्योंकि नीतिश कुमार ने कल छह विभिन्न राजनीतिक दलों को पत्र लिखे थे जिसमें भाजपा शामिल नहीं थी.
जेडी यू ने भाजपा के साथ बिहार में विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन अब नीतिश कुमार संभवत ऐसी सरकार बनाने की कोशिश में हैं जिसमें कांग्रेस और भाजपा न हो.
दोनों नेताओं की मुलाक़ात के बारे में आधिकारिक रुप से किसी ने कोई बयान जारी नहीं किया लेकिन भाजपा के महासचिव मुख्तार अब्बास नकवी ने संवाददाताओं से कहा " बिहार मे सरकार बनाने को लेकर सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं. हम सकारात्मक संकेत देख रहे हैं. इंतज़ार कीजिए. "
नीतिश का पत्र
नीतिश कुमार ने शनिवार को छह राजनीतिक दलों को पत्र लिखा था लेकिन भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को पत्र नहीं लिखा था.
फरवरी महीने में बिहार में विधानसभा चुनाव हुए थे जिसके बाद किसी भी गठबंधन को दो तिहाई बहुमत नहीं मिला और अंत में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ा.
नीतिश कुमार के प्रस्तावित गठबंधन में रामविलास पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी का नाम भी है जो लगातार कहती रही है कि जनता दल को भाजपा से अपने संबंध समाप्त कर लेने चाहिए.
नीतिश कुमार ने कहा था कि उनकी सूची में भाजपा का नाम शामिल नहीं है और उन्हें उम्मीद है कि पार्टी उनके इस कदम का विरोध नहीं करेगी.
बिहार में किसी भी पार्टी या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए 243 सदस्यों वाली विधानसभा में 122 सदस्यों की दरकार होगी.
कुमार ने जिन दलों को पत्र लिखा है अगर वे सभी दल मिलकर गठबंधन बनाते हैं तो संख्या होगी 120.
कुमार ने लोकजनशक्ति के अलावा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी शामिल है.
इस बारे में जब बीबीसी ने रामविलास पासवान से संपर्क किया तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया.