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शुक्रवार, 01 अप्रैल, 2005 को 06:50 GMT तक के समाचार

बेनज़ीर निजी यात्रा पर भारत आईं

पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो महान सूफ़ी संत ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की अजमेर स्थित दरगाह में ज़ियारत करने आईं हुईं हैं.

अजमेर रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में बेनज़ीर ने उम्मीद जताई की पाकिस्तान में जल्द ही लोकतंत्र की बहाली हो सकेगी.

उनका कहना था कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत और सार्थक होती यदि पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कोई चुना हुआ नेता करता.

बेनज़ीर का कहना था,'' हमारी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के साथ हाल में जेद्दा में मुलाक़ात हुई है और वहाँ लोकतंत्र की बहाली के मुद्दे पर बातचीत हुई है. हमें उम्मीद है कि यह प्रक्रिया तेज़ होगी.''

उनका कहना था कि उनके पति आसिफ़ अली ज़रदारी की राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के साथ लोकतंत्र बहाली को लेकर अगले दौर की बातचीत 16 अप्रैल को होगी.

वापसी की उम्मीद

बेनज़ीर भुट्टो ने उम्मीद जताई कि वे जल्द ही स्वदेश लौट सकेंगी.

भष्टाचार के आरोपों से बचने के लिए बेनज़ीर 1999 में ख़ुद ही देश छोड़कर चली गईं थी.

भ्रष्टाचार और हत्या की साज़िश रचने के मामले में आठ साल तक जेल में रहने के बाद बेनज़ीर के पति आसिफ़ ज़रदारी को हाल में ज़मानत मिल गई थी जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया.

बेनज़ीर कभी लंदन तो कभी संयुक्त अरब अमीरात में रहतीं हैं.

ज़रदारी और बेनज़ीर भुट्टो के ख़िलाफ़ मामले ख़त्म नहीं हुए हैं लेकिन सरकार और ज़रदारी की ओर से सुलह-सफ़ाई वाले बयान आते रहे हैं.

बेनज़ीर भुट्टो ने इस बात से साफ़ इनकार करती रही हैं कि उनके पति ज़रदारी की रिहाई को लेकर सरकार से कोई समझौता हुआ है.

बेनज़ीर भुट्टो दो बार पाकिस्तान की प्रधानमंत्री रह चुकीं हैं. 1990 और फिर 1996 में भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण उनकी सरकार बर्ख़ास्त कर दी गई थी.