गुरुवार, 31 मार्च, 2005 को 09:23 GMT तक के समाचार
चीन के विदेश मंत्री ली झाओशिंग दो दिन की नेपाल यात्रा पर काठमांडू पहुँच गए हैं.
नेपाल में लोकतांत्रिक सरकार को बर्ख़ास्त करके राजा ज्ञानेंद्र के सत्ता अपने हाथ में ले लेने के बाद से किसी भी उच्चस्तरीय विदेशी नेता की यह पहली नेपाल यात्रा है.
समाचार एजेंसियों के अनुसार चीनी विदेश मंत्री ने नेपाल के विदेश मंत्री रमेश नाथ पांडे से मुलाक़ात की है और वे नेपाल नरेश से मिल रहे हैं.
समाचार एजेंसी एएफ़पी ने ख़बर दी है कि चीनी मंत्री ने नेपाली विदेश मंत्री के साथ आर्थिक सहयोग, व्यापार, पर्यटन और आपसी सहयोग के अन्य मुद्दों पर चर्चा की.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार ली झाओशिंग ने काठमांडू हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा,"मुझे उम्मीद है कि मेरी इस यात्रा से चीन और नेपाल के आपसी संबंधों को और बढ़ावा मिलेगा".
वैसे बीबीसी संवाददाता सुशील शर्मा का कहना है कि चीनी विदेश मंत्री की यात्रा का कोई एजेंडा घोषित नहीं किया गया है लेकिन नेपाली प्रशासन इसे बहुत अधिक महत्व देता दिख रहा है.
चीनी विदेश मंत्री की यात्रा से पहले पिछले दो महीनों में पाकिस्तान और क्यूबा के कनीय मंत्री ही नेपाल के दौरे पर गए हैं.
चीन का रूख़
नेपाल और चीन के रिश्ते परंपरागत रूप से मधुर रहे हैं.
वैसे तो राजा ज्ञानेंद्र के इस निर्णय की दुनिया भर में आलोचना हुई मगर चीन ने लेकिन चीन ने कोई सख़्त टिप्पणी नहीं की.
अमरीका और ब्रिटेन ने राजा से कहा है कि वे देश में लोकतंत्र बहाल करें मगर चीन ने पूरे मामले को नेपाल का अंदरूनी मामला बताया.
भारत ने भी निर्वाचित शेर बहादुर देऊबा सरकार को बर्खास्त करके सत्तासीन होने के राजा के निर्णय की आलोचना की है.
भारत, अमरीका और ब्रिटेन ने नेपाल को दी जाने वाली सैनिक सहायता भी रोक दी है.
हिंसा
इस बीच नेपाल के पश्चिमी शहर पोखरा में एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है.
डीएसपी महेश खत्री को संदिग्ध माओवादियों ने बुधवार रात को गोली मार दी.
नेपाल में पिछले दस वर्षों से जारी माओवादी हिंसा में अब लगभग 11 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं.
माओवादी नेपाल में लोकतंत्र और राजतंत्र की जगह साम्यवादी गणतांत्रिक व्यवस्था लागू कराना चाहते हैं.