बुधवार, 30 मार्च, 2005 को 15:55 GMT तक के समाचार
ज़ुबैर अहमद
मुंबई से
महाराष्ट्र की सरकार ने राज्य में फैले कई सौ बियर बार यानी शराबख़ाने बंद करने का फ़ैसला किया है, लेकिन मुंबई के बियर बारों को इस आदेश से अलग रखा गया है.
नासिक, पुणे और नागपुर जैसे शहरों के बार मालिकों का कहना है कि ये फ़ैसला ग़ैरक़ानूनी है और वो सरकार के इस आदेश को अदालत में चुनौती देंगे.
सरकार का तर्क है कि इन बियर बारों में लोग लड़कियों का नाच देखने आते हैं और लुकेछिपे तौर पर ये वेश्यावृत्ति के ठिकाने बन गए हैं.
सिर्फ़ मुंबई में ही पाँच सौ से अधिक बियर बार हैं जहाँ लगभग साठ हज़ार लड़कियाँ हिंदी फ़िल्मी गानों पर थिरकती है और लोग बियर की चुस्कियाँ लेते हैं.
इसी के साथ सरकार ने यह आदेश भी दिया है कि मुंबई के बियर बार सिर्फ़ रात के बारह बजे तक ही खुले रह सकेंगे, जबकि बार मालिकों का कहना है कि लोग तो रात के 12 बजे आना शुरू करते हैं.
बार मालिकों का कहना है कि सरकार जितनी पाबंदियाँ लगाएगी पुलिस उनके कामकाज में उतना ही अडंगा लगाएगी और रिश्वत वसूलेगी.
एक बियर बार में नाचने वाली गीता शेट्टी को भी पुलिस से शिकायत है, "हम जितना नहीं कमाते, पुलिस उससे अधिक पैसे हमसे माँगती है, हम क्या करें, हम कहाँ जाएँ."
बियर बार मालिकों के संगठन के अध्यक्ष मंजीत सिंह ने इस फ़ैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे अदालत में चुनौती देने की बात कही है, "हम इस फ़ैसले को किसी हालत में नहीं मानेंगे, यह संविधान के तहत मिले हमारे अधिकारों का हनन है, हम अदालत में जाएँगे."
मंजीत सिंह आशंका व्यक्त करते हैं कि मुंबई के बियर बारों को भी बंद करने की सरकार की योजना है और यह काम चरणों में कर रही है, पहले मुंबई से बाहर के बार बंद होंगे और उसके बाद मुंबई के.
राज्य के उप मुख्यमंत्री आर आर पाटिल ने मुंबई को छोड़कर बाक़ी महाराष्ट्र के बियर बारों का लाइसेंस रद्द करने का कारण बताते हुए विधानसभा में कहा कि "इनकी वजह से अपराध बढ़ रहा है."
लगभग छह महीने पहले मुंबई की पुलिस ने कई बियर बारों पर छापे मारे थे जिसके बाद इन बारों में काम करने वाली लड़कियों ने जुलूस निकालकर नारेबाज़ी की थी.
महाराष्ट्र में लगभग 1250 बियर बार चल रहे हैं जिनमें से सात सौ मुंबई से बाहर हैं.