गुरुवार, 24 मार्च, 2005 को 22:05 GMT तक के समाचार
भारत के पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड में दो अलगाववादी गुटों की आपसी मुठभेड़ में कम से कम सात लोग मारे गए हैं.
नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ़ नगालैंड यानी एनएससीएन के दो गुटों के बीच संघर्ष अब भी जारी है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि मुइवा गुट के लगभग पचास हथियारबंद छापामारों ने प्रतिद्वंद्वी खपलांग गुट के ठिकाने पर हमला कर दिया.
खपलांग गुट के एक प्रवक्ता ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि उनके गुट के विद्रोहियों ने हमलावारों को खदेड़ दिया है.
बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक का कहना है कि नगा गुट भारत सरकार से बातचीत तो कर रहे हैं लेकिन वे आधुनिक हथियारों से लैस हैं और अक्सर आपस में उलझते रहते हैं.
खपलांग गुट ने फ़िलहाल भारत सरकार के साथ युद्धविराम लागू कर रखा है जबकि मुइवा गुट भी भारत सरकार से सीधी बातचीत कर रहा है.
नगालैंड के एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि "युद्धविराम के इस दौर में दोनों गुटों के छापामार अपने-अपने शिविरों में रहते हैं. मुइवा गुट का हमला युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन है."
1988 में एनएससीएन का विभाजन होने के बाद से जारी दोनों गुटों के संघर्ष में अब तक 400 से अधिक विद्रोही मारे जा चुके हैं.
एनएससीएन की माँग है कि नगा आबादी वाले इलाक़ों को मिलाकर एक ग्रेटर नगालैंड बनाया जाए, इसमें मणिपुर, असम और अरूणाचल प्रदेश के हिस्से शामिल हैं.
बाक़ी राज्य एनएससीएन की माँग का पुरज़ोर विरोध करते हैं, यही वजह है कि केंद्र सरकार उनकी माँगों को स्वीकार नहीं कर सकती और विवाद लंबा खिंचता रहा है.
एनएससीएन के दोनों गुटों के साथ केंद्र सरकार की वार्ताएँ 1997 में शुरू हुईं हैं लेकिन बात बहुत आगे नहीं बढ़ सकी है.