गुरुवार, 17 मार्च, 2005 को 13:14 GMT तक के समाचार
दिल्ली में 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों पर नानावटी आयोग की रिपोर्ट संसद में पेश करने में देरी को लेकर सदन में भारी हंगामा हुआ.
इस मुद्दे को लेकर भाजपा और अकाली सदस्य दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा में स्पीकर के आसन तक आ गए.
इस हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी.
यह मामला शून्यकाल में भाजपा और अकाली सांसदों ने उठाया.
उनका कहना था कि नानावटी आयोग ने सरकार को अपनी रिपोर्ट नौ फ़रवरी को पेश कर दी थी लेकिन इसे अभी तक पेश नहीं किया गया है.
लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने नारेबाज़ी के कारण सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी.
भाजपा के वीके मल्होत्रा ने कहा कि 40 दिन हो गए हैं और सरकार ने अभी तक इस रिपोर्ट को सदन के पटल पर नहीं रखा है.
इंतज़ार
उनका कहना था कि इन दंगों के एक भी दोषी को आज तक सज़ा नहीं दिलाई जा सकी है.
राज्यसभा में भाजपा के एसएस अहलूवालिया ने यह मामला उठाया.
उनका साथ भाजपा और अकाली दलों के सदस्यों ने दिया.
विपक्षी सदस्य सरकार से आश्वासन चाहते थे कि यह रिपोर्टे कब तक सदन में रख दी जाएगी.
ग़ौरतलब है कि 31 अक्तूबर, 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की उन्हीं के सिख सुरक्षा गार्डों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.
उनकी हत्या के बाद दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे थे जिनमें कई हज़ार लोग मारे गए थे. मारे गए लोगों में ज़्यादातर सिख थे.
इस दौरान सिख समुदाय के लोगों की संपत्तियों को निशाना बनाया गया और बहुत से लोगों को तो ज़िदा जला दिया गया था.