मंगलवार, 15 मार्च, 2005 को 04:56 GMT तक के समाचार
अमरीका की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस मंगलवार को भारत यात्रा पर दिल्ली पहुँच गई हैं.
विदेश मंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है.
राइस की भारत यात्रा के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना का कहना था कि राइस की मुलाक़ात प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी से करेंगे.
सरना ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सामरिक मामलों पर बातचीत होगी.
दोनों पक्षों के बीच व्यापार में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.
दोनों पक्षों के बीच भारत पाकिस्तान संबंधों और नेपाल की ताज़ा स्थिति पर बातचीत होगी.
भारत यात्रा के बाद राइस सीधे इस्लामाबाद रवाना होंगी.
कोंडोलीज़ा राइस के आठ दिवसीय दक्षिण और पूर्व एशिया के दौरे का पहला पड़ाव भारत है.
इसके अलावा वे पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, जापान, कोरिया और चीन की भी यात्रा करेंगी.
इसके पहले कोंडोलीज़ा राइस ने यूरोप और मध्य पूर्व का दौरा किया था.
प्रेक्षकों का मानना है कि अमरीकी विदेश मंत्री के पिछले दौरे सफल रहे थे लेकिन मौजूदा दौरा उनके लिए काफ़ी जटिल माना जा रहा है.
उन्हें भारत और पाकिस्तान दोनों के बीच संतुलन साधना है.
कोशिशें
अमरीका के पूर्व विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल का ज़्यादातर समय भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों में बीता था.
माना जा रहा है कि कोंडोलीज़ा राइस पुरानी नीति को ही आगे बढाएँगी.
अमरीका की आतंकवाद के ख़िलाफ़ मुहिम में पाकिस्तान महत्वपूर्ण सहयोगी है. इसके बदले उसे वित्तीय सहायता मिलती है.
भारत चाहता है कि उसे भी बराबर का सहयोगी माना जाए.
कोंडोलीज़ा राइस के रवाना होने से पहले व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने कहा कि भारत- पाकिस्तान के संबंध सकारात्मक हैं और अमरीका दोनों देशों के बीच बातचीत को बढ़ावा देने के लिए कार्य करेगा.
पचास वर्षीया कोंडोलीज़ा राइस को जॉर्ज बुश का क़रीबी माना जाता है.