रविवार, 13 मार्च, 2005 को 09:20 GMT तक के समाचार
झारखंड में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा 15 मार्च को विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने का प्रयास करेंगे.
अर्जुन मुंडा को शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी और उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 21 मार्च तक का समय दिया गया था.
मगर मुंडा ने पहले ही विश्वास मत हासिल करने का फ़ैसला किया.
मुंडा ने रविवार को रांची में कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को भी 15 मार्च को ही चुना जाएगा.
अर्जुन मुंडा रांची में करिया मुंडा को प्रोटेम स्पीकर के पद की शपथ दिलाए जाने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे.
वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे वरिष्ठ भाजपा नेता करिया मुंडा को प्रदीप कुमार बालमुचु के इस्तीफ़ा देने के बाद प्रोटेम स्पीकर बनाया गया.
मुंडा ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के लिए सोमवार को नामांकन किया जाएगा.
समझा जा रहा है कि मुंडा अपने पिछले कार्यकाल के दौरान विधानसभा अध्यक्ष रहे इंदर सिंह नामधारी को ही फिर से उस पद पर बिठाना चाहते हैं.
इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री बनने के बाद बीबीसी से बात करते हुए मुंडा ने कहा,"मैं सदन में बिल्कुल बहुमत साबित कर दूँगा. इसमें कोई भी दो-मत नहीं है. हमारे पास पूर्ण बहुमत है".
समीकरण
झारखंड विधानसभा में कुल 81 सीटें हैं और बहुमत के लिए कम से कम 41 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता है.
एनडीए ने फ़रवरी में हुए चुनाव में कुल 36 सीटें हासिल की और फिर पाँच निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा किया.
लेकिन राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी ने पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता शिबू सोरेन को यूपीए गठबंधन सरकार बनाने का न्यौता दिया.
मगर बहुमत के लिए विधायक जुटा सकने में नाकाम रहने के बाद सोरेन ने शुक्रवार रात को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया जिसके अगले दिन अर्जुन मुंडा को मुख्यमंत्री बनाया गया.
शनिवार को रांची में मुंडा के साथ उन पाँच निर्दलीय विधायकों ने भी मंत्रिपद की शपथ ली जिनके समर्थन के बाद ही सरकार बन सकी है.