बुधवार, 09 मार्च, 2005 को 15:45 GMT तक के समाचार
भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम की एक अदालत ने दो व्यक्तियों को बलात्कार और हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए मौत की सज़ा सुनाई है.
अदालत ने बिष्णु प्रसाद सिंह और प्रतुल बोरा को आठ साल की एक बच्ची के साथ बलात्कार और फिर उसकी हत्या करने को दोषी पाया है.
यह एक साल में तीसरा ऐसा मामला है जब अदालत ने हत्या और बलात्कार के मामले में किसी को मौत की सज़ा सुनाई है.
पीड़ित लड़की की माँ पड़ोसी राज्य त्रिपुरा से गुवाहाटी की अदालत में पहुँची. अभियुक्तों के वकील की अपील को ठुकराते हुए अदालत ने उन्हें मौत की सज़ा सुनाई.
अभियुक्तों में से एक बिष्णु प्रसाद सिंह ने कहा कि वे इस फ़ैसले को चुनौती नहीं देंगे लेकिन प्रतुल बोरा का कहना है कि वे इस फ़ैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे.
महिला संगठनों ने अभियुक्तों को मौत की सज़ा सुनाए जाने की मांग की थी. उनका कहना था कि मौत की सज़ा सुनाए जाने के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग पाएगी.
पिछले साल अगस्त में कोलकाता में बलात्कार के मामले में धनंजय चटर्जी को फाँसी दे दी गई थी. कोलकाता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने इस फ़ैसले को सही ठहराया था. राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने भी माफ़ी की अपील ठुकरा दी थी.
पिछले सप्ताह कोलकाता हाई कोर्ट ने तीन लोगों को एक व्यक्ति की हत्या के मामले में मौत की सज़ा सुनाई थी.