बुधवार, 02 मार्च, 2005 को 21:51 GMT तक के समाचार
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन एनडीए के भारी विरोध के बीच शिबू सोरेन को राँची में झारखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई.
एनडीए ने राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी के फ़ैसले का कड़ा विरोध करते हुए राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार राष्ट्रपति से मिला.
समाचार एजेंसी यूनीवार्ता का कहना है कि एनडीए के सभी 36 विधायक और एनडीए को समर्थन देने का वादा करने वाले पाँच निर्दलीय विधायक राष्ट्रपति से मिलने दिल्ली जा रहे हैं.
एनडीए का कहना है कि शिबू सोरेन को शपथ दिलाकर राज्यपाल ने संवैधानिक नियमों का उल्लंघन किया है, इस फ़ैसले के विरोध में एनडीए के घटक दलों ने गुरूवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है.
झारखंड में शिबू सोरेन को शपथ दिलाए जाने की ख़बर मिलते ही संसद में भी भारी हंगामा हुआ, एनडीए के सांसदों के शोर-शराबे के बीच लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी.
राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी ने शिबू सोरेन के बहुमत सिद्ध करने के लिए 20 दिन का समय दिया है.
भारतीय जनता पार्टी के महासचिव अरूण जेटली ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "राज्यपाल के इस फ़ैसले की वजह से यूपीए को बहुमत हासिल करने के लिए सौदेबाज़ी करने की पूरी मोहलत मिल गई है."
राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी ने कहा, "सभी संबद्ध पक्षों से बातचीत करने के बाद मुझे लगा कि यूपीए ही झारखंड में स्थायी सरकार दे सकती है."
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार राज्यपाल ने एसआर बोम्मई केस में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का हवाला देते हुए कहा कि राज्यपाल जिस दल या गठबंधन को उपयुक्त समझें उसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं लेकिन अंतिम फ़ैसला तो सदन में बहुमत साबित करने पर ही होगा.
भारतीय जनता पार्टी के झारखंड मामलों के प्रभारी राजनाथ सिंह ने राज्यपाल के फ़ैसले को "लोकतंत्र की हत्या" करार दिया है.
मंत्रिमंडल
इस समय केंद्र की यूपीए सरकार में कोयला मंत्री के पद पर आसीन शिबू सोरेन के साथ छह अन्य विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है.
दिलचस्प बात ये है कि मुख्यमंत्री के बेटे हेमंत सोरेन के हराकर विधायक बनने वाले वरिष्ठ नेता स्टीफ़न मरांडी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है.
स्टीफ़न मरांडी ने शिबू सोरेन के बेटे को पार्टी का टिकट दिए जाने के विरोध में उनके ख़िलाफ़ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर जीत हासिल की है.
यूपीए गठबंधन की नई झारखंड सरकार में मुख्यमंत्री सहित जिन सात लोगों को शपथ दिलाई गई है उनमें सहयोगी दल काँग्रेस का कोई विधायक शामिल नहीं है.
झारखंड विधानसभा में कुल 81 विधायक हैं और साधारण बहुमत के लिए 41 विधायकों का समर्थन ज़रूरी है, एनडीए और यूपीए दोनों सरकार बनाने का दावा किया था लेकिन राज्यपाल ने यूपीए को आमंत्रित किया.