बुधवार, 02 मार्च, 2005 को 02:55 GMT तक के समाचार
लोक जनशाक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान के लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल के साथ सरकार बनाने से इनकार कर देने के बाद बिहार में स्थितियाँ उलझ गईं हैं.
मंगलवार को रामविलास पासवान ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी से मुलाक़ात की.. लेकिन इस बैठक का कोई परिणाम नहीं निकला.
पासवान अपने रुख़ पर अड़े रहे और उन्होंने ग़ैर एनडीए और ग़ैर आजेडी सरकार की बात दोहराई.
उनका कहना था कि आजेडी और भाजपा के बिना सरकार बनाना संभव है.
पासवान की दलील थी कि आजेडी के 74 विधायक हैं और भाजपा के 37 विधायक हैं और बाकी 132 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई जा सकती है.
उनका कहना था, ''यदि यह संभव न हो तो छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए.''
रामविलास पासवान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा,'' यह एकदम साफ़ है कि मैं न तो आरजेडी का और न एनडीए का समर्थन लूंगा और न समर्थन दूंगा.''
दूसरी ओर लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के विधायक दल ने राबड़ी देवी को अपना नेता चुन लिया है.
लालू यादव ने विधायक दल की बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी सरकार बनाने का दावा पेश करेगी.
बहुमत का गणित
बिहार में 243 सदस्यों वाली विधानसभा में सरकार बनाने की जादुई संख्या 122 है.
चुनाव में सर्वाधिक सीटें जीतनेवाली पार्टी आरजेडी के नेता लालू यादव ने भाजपा, जेडी(यू), समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को छोड़कर अपने पास 138 विधायकों के समर्थन का दावा किया है.
मगर इस संख्या में उन्होंने पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी, वाम दलों (सीपीआई और सीपीआईएम) तथा निर्दलीय विधायकों को शामिल किया था.
उधर जेडी(यू) नेता नीतिश कुमार ने आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों को छोड़कर कुल 145 सदस्यों के समर्थन की बात की है.
इस संख्या में उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी और निर्दलीय विधायकों को शामिल किया है.
लोक जनशक्ति पार्टी और निर्दलीय विधायकों की संख्या मिलकर 47 है और इन्हीं विधायकों के पास सरकार बनाने की कुंजी है.