मंगलवार, 01 मार्च, 2005 को 02:17 GMT तक के समाचार
झारखंड में सरकार बनाने के लिए दावों का दौर शुरू हो गया है.
कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी से मुलाक़ात की है.
भाजपा गठबंधन के नेताओं की मंगलवार को राज्यपाल से मुलाक़ात कर दावा पेश करने की योजना है.
इसके पहले सोमवार को भाजपा ने अर्जुन मुंडा को विधायक दल का नेता चुन लिया.
हालांकि इस दौड़ में बाबूलाल मरांडी भी थे और अर्जुन मुंडा के नेता चुने जाने के बाद उनके समर्थकों ने खासा हंगामा भी किया.
नेता चुनने के लिए बैठकों के कई दौर चले. इसके लिए भाजपा नेतृत्व ने पूर्व अध्यक्ष वैंकया नायडू भेजा था.
नायडू ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अर्जुन मुंडा का चुनाव सर्वसम्मति से हुआ है.
हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ विधायक पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को नेता चुने जाने के पक्ष में थे.
बहुमत
भाजपा- जनता दल-यू गठबंधन को बहुमत के लिए पांच और विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है.
झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 41 विधायकों की ज़रूरत है.
झारखंड स्टूडेंट यूनियन के दो विधायकों ने भाजपा गठबंधन को समर्थन देने की घोषणा कर दी है. लेकिन गठबंधन को अब भी तीन और विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है.
दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा और काँग्रेस गठबंधन के लिए स्थितियां थोड़ी कठिन हैं.
लालू प्रसाद के आरजेडी के समर्थन के बाद कांग्रेस-झामुमो गठबंधन के समर्थक विधायकों की संख्या 33 तक पहुँचती है.
सरकार बनाने में झामुमो से अलग हुए स्टेफन मरांडी की भूमिका अहम हो गई है.
ऐसा दावा किया जा रहा है कि उनके साथ 6 निर्दलीय विधायक भी हैं.
कांग्रेस-झामुमो गठबंधन को फोरवर्ड ब्लाक के दो और सीपीआई-एमएल के एक विधायक का समर्थन हासिल होने की उम्मीद है.