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रविवार, 27 फ़रवरी, 2005 को 07:24 GMT तक के समाचार

बिहार में नए समीकरण की क़वायद

बिहार में मतगणना के रुझानों और शुरुआती नतीजों से वहाँ त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनती नज़र आ रही है.

रुझानों से स्पष्ट है कि सत्ताधारी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को नुक़सान हो रहा है. लेकिन नुक़सान इतना बड़ा नहीं है कि विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन बहुमत के क़रीब आ जाए.

रामविलास पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी और कांग्रेस को गठबंधन को इतनी सीटें ज़रूर मिल रही हैं कि वे बिहार की भावी सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें.

बिहार में सभी 243 सीटों के रुझान मिले हैं उसके अनुसार एनडीए को 77 सीटें मिल गई हैं और वह 19 सीटों पर आगे हैं यानी उसकी कुल बढ़त 96 सीटों की है.

सत्ताधारी राष्ट्रीय जनता दल गठबंधन दूसरे नंबर पर है. उसने 60 सीटें जीती हैं और 15 में उसे बढ़त हासिल है यानी उसके खाते में 75 सीटें आती दिख रही हैं.

बिहार में रामविलास पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी को ज़्यादा सीटें तो नहीं मिली है लेकिन सरकार गठन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका देखी जा रही है.

पासवान की लोकजनशक्ति ने 26 सीटें जीत ली है और छह सीटों पर उन्हें बढ़त मिली हुई है और इस तरह उनकी कुल बढ़त 32 सीटों पर दिख रही है.

कांग्रेस ने आठ सीटें जीत ली है और उसे एक सीटों पर बढ़त हासिल है. लोकजनशक्ति के अलावा निर्दलीय और अन्य पार्टियाँ भी बिहार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.

निर्दलीय और अन्य पार्टियों ने 25 सीटें जीत ली है और छह सीटों पर उन्हें बढ़त हासिल है. अन्य पार्टियों में सीपीआई(एम-एल), समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस जैसी पार्टियाँ शामिल हैं.

जोड़-तोड़

बिहार में मतगणना के रुझानों के बाद अंदर ही अंदर नए समीकरण तलाश करने की जुगत भी शुरू हो गई है.

जहाँ राष्ट्रीय जनता दल के नेता शिवानंद तिवारी ने भी नरम रुख़ दिखाया और कहा कि उनकी पार्टी ने किसी को नहीं छोड़ा बल्कि उनकी पार्टी को ही लोगों ने छोड़ा.

उन्होंने धर्मनिरपेक्षता के नाम पर नए समीकरण की संभावना से इनकार नहीं किया. उनका इशारा लोकजनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान की ओर था.

दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने भी रामविलास पासवान को लेकर अपनी उम्मीदें नहीं छोड़ी हैं.

पार्टी नेता शाहनवाज़ हुसैन ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि एनडीए ने चुनाव के पहले ही रामविलास पासवान को मुख्यमंत्री पद की पेशकश की थी.

उन्होंने कहा, "अगर रामविलास पासवान किसी भी क़ीमत पर राजद को समर्थन देने के रुख़ पर क़ायम रहते हैं तो हम बिहार में सरकार बना सकते हैं. नीतीश कुमार जी ने तो पासवान जी को मुख्यमंत्री पद की पेशकश की थी."

शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि बिहार में एनडीए का मक़सद सत्ता हथियाना नहीं बल्कि बिहार से राजद को बाहर करना है.