भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (यूनाइटेड) ने रेल बजट को निराशाजनक बताया है लेकिन कांग्रेस और वामपंथी दलों ने इसे बहुत अच्छा बजट क़रार दिया है.
भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि यदि बजट न भी पेश किया जाता तो कोई परिवर्तन नहीं आता.
उन्होंने बजट को ढुलमुल क़रार दिया और कहा कि बहुत कुछ और किया जाना चाहिए था. सुषमा स्वराज का कहना था कि लोगों को बजट से बहुत उम्मीदें थीं जो पूरी नहीं हुईं.
एनडीए के बहिष्कार पर उन्होंने कहा कि काँग्रेस ने उन्हें यह रास्ता दिखाया है. सुषमा ने कहा कि ढाई साल पहले जॉर्ज फ़र्नांडीस का बहिष्कार किया गया था.
लालू यादव के रेल बजट भाषण ख़त्म करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपनी सीटों से उठकर लालू यादव के पास गए और उन्हें बधाई दी.
जनता दल (यू) नेता और पूर्व रेल मंत्री नीतीश कुमार ने शुरुआत बजट भाषण की आलोचना से की.
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाषण का संपादन ठीक नहीं था. उनका कहना था कि मालभाड़े में अनाज की श्रेणी बदले जाने से आम आदमी और ग़रीबों पर असर पड़ेगा.
नीतीश कुमार का कहना था कि बजट में सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया है.
इसके लिए एनडीए सरकार के दौरान रेलवे सुरक्षा कोष बनाया गया है लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया.