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शुक्रवार, 25 फ़रवरी, 2005 को 19:37 GMT तक के समाचार

डीएमके की सत्ता साझेदारी पर बैठक

भारत में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के एक महत्वपूर्ण घटक दल द्रविण मुनेत्र कशगम (द्रमुक) ने कांग्रेस के साथ भविष्य में अपने गठबंधन पर विचार विमर्श के लिए अपने सात केंद्रीय मंत्रियों को बुलावा भेजा है.

इससे पहले तमिलनाडु राज्य की कांग्रेस इकाई ने द्रमुक से बार-बार कहा है कि वे अगले साल होने वाले राज्य विधान सभा चुनावों में सत्ता की साझेदारी के लिए राज़ी हो जाए.

द्रमुक ने केंद्र की यूपीए सरकार में अपने सात मंत्रियों की बैठक इसी सिलसिले में बुलाई है.

तमिलनाडु में कांग्रेस को कमज़ोर माना जाता है और विधान सभा में उसे जो भी सीटें मिलती हैं वे किसी ताक़तवर क्षेत्रीय दल के साथ गठबंधन के सहारे ही मिलते हैं.

कांग्रेस, द्रमुक और कुछ अन्य दलों के गठबंधन ने पिछले साल हुए आम चुनाव में तमिलनाडु में अच्छी जीत हासिल की थी और सभी 39 लोक सभा सीटों पर क़ब्ज़ा कर लिया था.

तमिलनाडु में अब द्रमुक की प्रतिद्वंद्वी पार्टी जयललिता के नेतृत्व वाली अन्ना द्रमुक की सरकार है लेकिन अन्ना द्रमुक का जनाधार भी खिसकता हुआ बताया जा रहा है.

अगले साल के आरंभ में होने वाले विधान सभा चुनाव में कांग्रेस और द्रमुक गठबंधन के ही अच्छा प्रदर्शन करने की संभावना व्यक्त की जा रही है.

कांग्रेस का कहना है कि उसके समर्थन के बिना कोई भी क्षेत्रीय पार्टी सरकार नहीं बना सकती तो दूसरी तरफ़ द्रमुक और अन्ना द्रमुक के बीच छत्तीस का आँकड़ा है.

सप्ताह भर से प्रदेश कांग्रेस के नेता अब द्रमुक से विधान सभा चुनावों के बाद सत्ता की साझेदारी के बारे में सार्वजनिक रूप से कोई ठोस वायदे की माँग कर रहे हैं.

गुरूवार को एक गोपनीय बैठक में यहाँ तक विचार किया गया कि अगर द्रमुक सत्ता की साझेदारी के लिए तैयार नहीं होती है तो कांग्रेस को अकेले ही चुनाव में उतर जाना चाहिए.

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि द्रमुक और अन्य क्षेत्रीय दल केंद्र सरकार में अपनी भूमिका तो चाहते हैं साथ ही राज्य के मतदाता समीकरण को अपनी मुट्ठी में समझते हैं.

इसी संदर्भ में द्रमुक के कुछ नेताओं ने देश की ताज़ा राजनीतिक स्थिति पर विचार करने के लिए अपने हाईकमांड की शनिवार को बैठक बुलाई है.

समझा जाता है कि द्रमुक ने केंद्र सरकार में मौजूद अपने सात मंत्रियों से इस बैठक में शामिल होने के लिए कहा गया है.

द्रमुक के 15 लोक सभा सदस्य हैं लेकिन केंद्र की यूपीए सरकार के लिए उसका समर्थन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है.