बुधवार, 23 फ़रवरी, 2005 को 15:12 GMT तक के समाचार
पिछले दिनों सौरभ सिंह नाम के एक भारतीय छात्र के अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की एक परीक्षा में अव्वल रहने की ख़बर को लेकर गंभीर संदेह फैल गया है.
इसके बाद भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस छात्र के साथ अपनी मुलाक़ात रद्द कर दी है.
पिछले दिनों ये ख़बर सुर्ख़ियों में रही कि बलिया शहर के पास के एक गाँव के 17 वर्षीय सौरभ सिंह ने इस परीक्षा में दो लाख छात्रों को पीछे छोड़ा.
ये भी कहा जा रहा था कि भारतीय राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम ने भी ये परीक्षा पास की थी.
लेकिन राष्ट्रपति कलाम के कार्यालय ने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने कभी ऐसी कोई परीक्षा में हिस्सा लिया था.
उधर नासा के अधिकारियों ने भी ऐसी किसी तरह की परीक्षा की जानकारी होने से इनकार किया है.
ह्यूस्टन में नासा के प्रेस कार्यालय में अधिकारी डेबी रान ने बीबीसी से कहा,"मैं इस बात की पुष्टि नहीं कर सकी हूँ कि ऐसी कोई परीक्षा होती है. मैंने नासा के सभी संबद्ध कार्यालयों से इस बारे में जाँच कर ली है ".
संदेह
नासा की इस कथित परीक्षा के बारे में संदेह तब प्रकट किया गया जब ये छात्र दिल्ली में राष्ट्रपति कलाम से मुलाक़ात करने जा रहा था.
ये संदेह भारत की एक वेबसाइट रीडिफ़ डॉटकॉम की एक रिपोर्ट में जताया गया.
इसके बाद जब राष्ट्रपति से 10 मिनट भेंट करने के बाद ये छात्र अपने पिता के साथ बाहर निकला तो वहाँ पत्रकार उससे बात करने के लिए जुटे थे.
लेकिन सौरभ और उसके पिता ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया और कार से राष्ट्रपति भवन से बाहर निकल गए.
बुधवार को सौरभ सिंह को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मिलना था मगर बैठक रद्द कर दी गई.
प्रधानमंत्री के प्रेस सलाहकार संजय बारू ने इस बारे में बताया कि राष्ट्रपति भवन से ये बयान आने के बाद कि वे ऐसी किसी परीक्षा में नहीं बैठे, बैठक रद्द कर दी गई.
जाँच
नासा के नाम पर इस कथित के बारे में उत्तर प्रदेश सरकार ने जाँच के आदेश दे दिए हैं.
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव वी के मित्तल ने बीबीसी को बताया कि बलिया में अधिकारियों से कहा गया है कि सौरभ सिंह की इस कथित परीक्षा से संबंधित दस्तावेज़ों की जाँच की जाए.
वी के मित्तल ने कहा,"सौरभ सिंह के प्रदर्शन के बारे में संदेह के पर्याप्त कारण हैं."
बलिया में सौरभ सिंह के विद्यालय की एक शिक्षिका हेमा चंद्रा ने बताया,"एक स्थानीय अख़बार ने सबसे पहले सौरभ की परीक्षा की ख़बर दी थी."
शिक्षिका ने बताया कि ख़बर पढ़कर उन्होंने सौरभ को तत्काल बधाई दी और उसने ये माना भी कि वह परीक्षा में अव्वल आया.