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मंगलवार, 22 फ़रवरी, 2005 को 06:56 GMT तक के समाचार

हरियाणा में 27 को मतगणना का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि हरियाणा में मतगणना 27 फ़रवरी को ही कराई जाए.

अदालत ने यह फ़ैसला इंडियन नेशनल लोकदल (आइएनएलडी) की याचिका पर सुनाया है.

चुनाव आयोग ने हरियाणा के वोटों की गिनती 23 फ़रवरी को कराने का फ़ैसला किया था जिसे आइएनएलडी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

बिहार और झारखंड में अंतिम दौर का मतदान 23 फ़रवरी को होना है और इन दोनों राज्यों की मतगणना का काम 27 फ़रवरी को होगा.

चुनाव आयोग ने पहले तय किया था कि तीनों राज्यों की वोटों की गिनती एक साथ 27 फ़रवरी की जाए लेकिन बाद में हरियाणा में 23 फ़रवरी को मतगणना का निर्णय किया गया.

चुनाव आयोग के इस फ़ैसले की हरियाणा के मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने कड़ी आलोचना की थी.

उनका कहना था कि यह सेना के जवानों के पोस्टल बैलेट को निर्णय से दूर रखने की साज़िश है.

सरकारी आदेश में कहा गया था कि पोस्टल बैलेट का 27 फ़रवरी तक इंतज़ार किया जा सकता है.

चौटाला की नाराज़गी

मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला चुनाव आयोग के निर्णय से नाराज़ थे.

उन्होंने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग केंद्र में सत्ताधारी गठबंधन के प्रमुख कांग्रेस के इशारे पर काम कर रहा है.

वे चुनाव की तारीख़ों की घोषणा होने के बाद से ही आयोग से नाराज़ थे. उनका आरोप था कि हरियाणा में पहले चरण में चुनाव करवाने का निर्णय इसलिए लिया गया ताकि वे राज्य में चल रहे विकास के काम पूरे न करवा सकें.

तीन चरणों में हुए तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में हरियाणा की बारी सबसे पहले आई थी जहाँ तीन फ़रवरी को सभी 90 सीटों के लिए वोट डाले गए, इसी वजह से वहाँ आचार संहिता 17 दिसंबर से लागू हो गई थी.

ओमप्रकाश चौटाला ने चुनाव आयोग से अनुमति माँगी थी कि उन लोगों को नौकरी दे दी जाए जिनका चयन पहले हो चुका है लेकिन आयोग ने इसे मानने से इनकार कर दिया था और मामला अदालत में पहुँच गया था.