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सोमवार, 21 फ़रवरी, 2005 को 18:47 GMT तक के समाचार

'ज़ाहिरा संपत्ति, बैंक खाते का ब्यौरा दें'

सर्वोच्च न्यायालय ने तीन साल पहले गुजरात में हुए दंगों की प्रमुख गवाह को अपनी संपत्ति और बैंक में जमा रक़म का ब्यौरा देने के निर्देश दिए हैं.

बेस्ट बेकरी कांड की मुख्य गवाह ज़ाहिरा शेख को ब्यौरा देने के लिए चार हफ़्ते दिए गए हैं.

ज़ाहिरा पर आरोप है कि उन्होंने रिश्वत लेकर गुजरात दंगों पर अपना बयान बदला.

2002 में गुजरात दंगों के दौरान एक भीड़ ने बड़ौदा की बेस्ट बेकरी को आग लगा दी थी जिसमें 14 लोग ज़िंदा जल गए थे. मृतकों में 12 मुसलमान थे.

बदलते बयान

इस मामले में ज़ाहिरा शेख ने दो बार अपना बयान बदला, लेकिन उसने रिश्वत की बात से साफ इनकार किया है.

पिछले महीने सर्वोच्च न्यायालय ने रिश्वत के आरोपों की जाँच करने के लिए एक स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया था.

अदालत ने इस समिति को अपनी जाँच पूरी करने के लिए तीन और महीनों का समय दिया है.

दिसंबर में अभियोग पक्ष के वकीलों ने कहा था कि ज़ाहिरा शेख़ और उनकी बहन सायरा शेख़ अपनी आमदनी से कहीं महँगी एक कार का इस्तेमाल करती हैं.

इससे पहले जून 2003 में ज़ाहिरा शेख समेत कई गवाहों ने अपने बयान बदल दिए थे, जिसके बाद निचली अदालत ने सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया था.

लेकिन बाद में ज़ाहिरा ने कहा कि उन्होंने स्थानीय नेताओं की धमकी के कारण अपना बयान वापस लिया था.

इस पर सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले पर पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में सुनवाई कराने के आदेश दिए थे.

लेकिन मामला एक बार फिर उलझ गया जब ज़ाहिरा ने दोबारा अपना बयान बदलते हुए कहा कि उसने मानवाधिकार गुटों के दबाव में आकर स्थानीय नेताओं पर आरोप लगाए थे.