शुक्रवार, 11 फ़रवरी, 2005 को 16:53 GMT तक के समाचार
राष्ट्रमंडल देशों के संगठन - कॉमनवेल्थ ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की तीख़ी आलोचना की है.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की यह कहते हुए आलोचना की है कि उन्होंने पिछले साल के अंत तक सेनाध्यक्ष का पद छोड़ देने की बात कही थी लेकिन उन्होंने अपना वादा पूरा नहीं किया.
जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने 1999 में जब सत्ता पर क़ब्ज़ा किया था तो कॉमनवैल्थ संगठन ने पाकिस्तान की सदस्यता निलंबित कर दी थी.
लेकिन जब परवेज़ मुशर्रफ़ ने पिछले साल मई में यह वादा किया था कि वह पिछले साल के अंत तक सेना अध्यक्ष का पद छोड़ देंगे तो कॉमनवैल्थ ने पाकिस्तान की सदस्यता बहाल कर दी थी.
पाकिस्तान के विपक्षी दलों ने भी काफ़ी ऐतराज़ किया था कि इतने महत्वपूर्ण दो पद एक ही व्यक्ति के पास नहीं रहने चाहिए इस मुद्दे पर काफ़ी विवाद रहा था.
लेकिन पिछले साल पाकिस्तानी संसद ने एक क़ानून पास किया जिसमें परवेज़ मुशर्रफ़ को सेना अध्यक्ष का पद छोड़ने की समय सीमा पर अमल नहीं करने की छूट दे दी थी.
कॉमनवैल्थ की मंत्रि स्तरीय एक्शन कमेटी की शुक्रवार को लंदन में हुई बैठक के बाद एक वक्तव्य जारी किया गया जिसमें परवेज़ मुशर्रफ़ की अपना वादा पूरा नहीं करने के लिए आलोचना की गई.
इस वक्तव्य में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रपति और सेना अध्यक्ष के दोनों पद एक ही व्यक्ति के पास रहने का यह मामला राष्ट्रपति का मौजूदा कार्यकाल पूरा होने से आगे नहीं बढ़ना चाहिए.
राष्ट्रपति के रूप में परवेज़ मुशर्रफ़ का कार्यकाल 2007 में ख़त्म होगा लेकिन सेनाध्यक्ष के बारे में कोई समयसीमा नहीं बताई गई है.