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शुक्रवार, 04 फ़रवरी, 2005 को 12:20 GMT तक के समाचार

गोवा में राजनीतिक अस्थिरता जारी

गोवा का राजनीतिक संकट जल्दी ख़त्म होता दिखाई नहीं दे रहा.

कांग्रेस ने सरकार बनाकर मंत्रीमंडल का विस्तार तो कर लिया है लेकिन ख़बरें हैं कि कांग्रेस में बज़ी संख्या में विधायक असंतुष्ट हैं.

गोवा की स्थिति संभालने के लिए कांग्रेस महासचिव मार्गरेट अल्वा को गोवा जाना पड़ा है.

दूसरी ओर गोवा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बर्खास्त करने के ख़िलाफ़ गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर परिक्कर मुंबई हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रही है.

अभी प्रताप राणे सरकार को अपना बहुमत भी साबित करना है.

भाजपा ने सरकार बर्खास्त करने के राज्यपाल के फ़ैसले के ख़िलाफ़ बिहार-झारखंड के अलावा पूरे देश में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है.

भाजपा के अनुसार इसमें एनडीए के सारे नेता भाग लेंगे.

भाजपा का आरोप है कि विधानसभा से इस्तीफ़ा देने वाले चार विधायकों में से दो को कांग्रेस के मंत्रिमंडल में शामिल करना दलबदल क़ानून का उल्लंघन है.

कांग्रेस का संकट

भाजपा की सरकार बर्खास्त होने के बाद कांग्रेस की ओर से गठबंधन के मुख्यमंत्री बने प्रताप राणे ने अपने मंत्रिमंडल में दो कांग्रेस विधायकों को जगह दी है.

ख़बरें हैं कि इसके बाद कांग्रेस विधायक दल में कई लोग असंतुष्ट हैं और वे मांग कर रहे हैं कि उन्हें भी मंत्री बनाया जाए.

नए क़ानून के हिसाब से गोवा में सिर्फ़ छह मंत्री बनाए जा सकते हैं और उतने बनाए जा चुके हैं.

कांग्रेस विधायक दल में विद्रोह की स्थिति को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने महासचिव व गोवा की प्रभारी मार्गरेट अल्वा को तत्काल गोवा भेजा है.

भाजपा सरकार की बर्खास्तगी को सही और वैधानिक ठहराते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि एक विधायक को मतदान करने से रोकना असंवैधानिक था.

उन्होंने भाजपा के इस आरोप को ग़लत ठहराया कि इस्तीफ़ा देने वाले विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करना दलबदल क़ानून का उल्लंघन है.

उन्होंने कांग्रेस पार्टी के भीतर किसी भी संकट की ख़बर को ग़लत ठहराया है.

भाजपा का विरोध

भारतीय जनता पार्टी ने राज्यपाल एससी जमीर द्वारा गोवा सरकार को बर्खास्त करने के फ़ैसले को असंवैधानिक बताया है.

भाजपा प्रवक्ता सुषमा स्वराज ने कहा है कि इसके ख़िलाफ़ पार्टी देश भर में विरोध प्रदर्शन करेगी और 'लोकतंत्र बचाओ-जमीर हटाओ' दिवस मनाएगी.

बिहार और झारखंड को चुनावों की वजह से अलग रखा गया है.

इस विरोध प्रदर्शन में पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी सहित सभी बड़े नेता हिस्सा लेंगे.