मंगलवार, 25 जनवरी, 2005 को 04:57 GMT तक के समाचार
उमर फ़ारूक़
बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद
आंध्र प्रदेश में विपक्षी तेलुगु देसम पार्टी के एक विधायक की हत्या के बाद राज्य में काफ़ी तनाव है, तेलुगु देसम ने राज्य की कांग्रेस सरकार को बर्ख़ास्त किए जाने माँग की है.
इस हत्या के विरोध में पार्टी ने मंगलवा रको राज्यव्यापी बंद का आहवान किया जिसका जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है.
राजधानी हैदराबाद और अन्य प्रमुख शहरों विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और तिरूपति में इस हड़ताल से आम जीवन प्रभावित हुआ है. दुकानें, व्यासायिक प्रतिष्ठान और शैक्षिक संस्थान बंद रहे.
अनेक स्थानों पर यातायात बाधित होने की वजह हज़ारों लोगों को परेशानी हुई है. रेल सेवाएँ भी बाधित हुई हैं.
तेलुगु देसम के अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने राज्यपाल से मुलाक़ात करके विधायक पारितला रवि की हत्या की जाँच सीबीआई से कराने और राज्य सरकार को बर्ख़ास्त करने की माँग की.
चंद्रबाबू नायडू ने राज्यपाल को दिए गए पत्र में राज्य के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी, उनके बेटे और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है.
राज्य सरकार ने अनंतपुर में कर्फ्यू लगा दिया है जहाँ पारितला रवि की हत्या हुई थी, इस हत्याकांड के बाद तेलुगु देसम पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए थे और उन्होंने बड़े पैमाने पर सरकारी संपत्ति को नुक़सान पहुँचाई थी.
रवि पर अनंतपुर में पार्टी के कार्यालय हमला किया गया था जिसमें उनके एक सहयोगी इश्वराजैया की भी मौत हो गई.
अनंतपुर के पुलिस अधीक्षक एस आर प्रवीण कुमार ने बताया कि रवि पर देसी बमों से हमला किया गया था.
पुलिस का कहना है कि इस हत्या के बाद भड़की हिंसा में राज्य भर में लगभग पचास सरकारी बसों को निशाना बनाया गया और उन्हें क्षति पहुँचाई गई.
उग्र तेलुगु देसम कार्यकर्ताओं ने सरकारी दफ़्तरों और कांग्रेस पार्टी के कार्यालयों पर भी हमला बोल दिया.
राज्य पुलिस ने कहा है कि वह रवि के हत्यारों को पकड़ने का पूरा प्रयास कर रही है.
आंध्र पुलिस ने इन आरोपों से भी इनकार किया कि उन्होंने रवि की सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध नहीं किए थे, पुलिस का कहना है कि सभी ज़रूरी इंतज़ाम किए गए थे.
विद्रोही से विधायक
रवि रायलसीमा क्षेत्र के रहने वाले थे, विवादों में रहने वाले विधायक माओवादी विद्रोही रहे थे और बाद में चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुँचे थे.
1996 में हैदराबाद में कार बम धमाके में रवि को मारने की कोशिश की गई थी लेकिन वे बच निकले थे, इस धमाके में 14 लोगों की मौत हो गई थी.
रवि 1994 में पहली बार विधानसभा के लिए चुने गए थे और उसके बाद वे राज्य के परिवहन मंत्री भी रहे.
उन्हें राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का बहुत करीबी नेता माना जाता था.
पिछले वर्ष अप्रैल में हुए चुनाव में पार्टी की हार के बाद रवि कई बार अपनी सुरक्षा में ढील दिए जाने की बात कह चुके थे.